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    हाथ का कलावा काटकर फेंका, पूजा से रोका:यूपी में धर्मांतरण गिरोह के पर्दाफाश के लिए मजदूर बना रिपोर्टर, देखिए कैमरे पर ब्रेनवॉश

    12 hours ago

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    "अगर यीशु की प्रार्थना का असर चाहिए तो कलाई पर बंधा कलावा हटाना होगा… वरना आपकी परेशानियां दूर नहीं होंगी… और हां, पूजापाठ से दूरी बना लीजिए…।" यह दैनिक भास्कर रिपोर्टर को ब्रेनवॉश के दौरान कहा जा रहा है, जिससे धर्मांतरण किया जा सके। यूपी में बीमारी, गरीबी और परेशानियां खत्म करने का लालच देकर धर्म बदला जा रहा है। हमें लीड मिली कि यूपी के लखीमपुर जिले में सीक्रेट चर्च हैं। यहां न बोर्ड लगे हैं और न ही यीशु की तस्वीरें। पुलिस को चकमा देने के लिए इसे अब धर्मांतरण की जगह ‘ग्रहण’ बोला जाता है। यूपी-नेपाल बॉर्डर पर बड़े पैमाने पर चल रहे इस ग्रहण को एक्सपोज करने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने अपना हुलिया बदला। इनके धर्मांतरण नेक्सस में एंट्री के लिए रिपोर्टर मजदूर बने। 20 दिन तक खेतों में काम किया। गिरोह ने हमसे संपर्क किया। हमारे खुफिया कैमरे में जो रिकॉर्ड हुआ, उसने धर्मांतरण के नेटवर्क की परतें खोल दीं। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन… जब रिपोर्टर ने इस नेक्सस में एंट्री की तो धर्मांतरण की 7 स्टेप पता चले। आज स्टोरी के पार्ट-1 में हम 3 स्टेप बता रहे हैं… हम मजदूर के गेटअप में लखीमपुर जिले के दलराजपुर गांव पहुंचे। यहां 4 किमी की रेंज में लोगों से काम मांगा। हमें एक फार्महाउस पर मजदूरी का काम मिला। यहीं रहने के लिए हमें झोपड़ी दे दी गई। मजदूरी के साथ आसपास के लोगों से जान-पहचान बढ़ाई। अपना दुखड़ा सुनाया कि गरीब हैं, बीमार हैं। जल्द ही हमारी जानकारी पास्टर (ईसाई धर्मगुरु) विजय तक पहुंची। विजय मूलरूप से नेपाल का रहने वाला है। 30 साल से इलाके में धर्मांतरण करा रहा है। वह घर में सीक्रेट चर्च चलाता है। उसके लोग गरीबों और बीमारों को बहला-फुसलाकर लाते हैं। 10वें दिन कुछ मजदूर हमारे पास आए और पास्टर विजय के पास जाने की सलाह दी। रविवार सुबह 8 बजे पास्टर विजय के सीक्रेट चर्च जाना तय हुआ। सुबह 8 बजे हम सीक्रेट चर्च पहुंचे तो पास्टर विजय ने अपने पास बैठाया। कुछ देर चुप्पी के बाद विजय ने हमारा ब्रेनवॉश शुरू किया। पास्टर विजय: हां तो क्या दिक्कत है आपको? रिपोर्टर: हम यहां फार्महाउस पर काम करते हैं। दिक्कत वगैरह लगी रहती है। इसी वजह से घर-परिवार सब बर्बाद हो गया। नशा छूट ही नहीं रहा। बायां हाथ उठता नहीं है। रुपया-कौड़ी कुछ बचता ही नहीं। जो जमीन थी, वो भी बिक गई। पास्टर विजय: जहां मार्ग खुलता है, आप वहां आए हो। प्रभु वाणी में कहता है कि जो मेरे निकट आएगा, मैं उसके निकट आऊंगा। प्रभु उसके ही निकट रहते हैं, जिसके जीवन में समस्याएं हैं। ब्रेनवॉश के जाल में हमें फंसाने के लिए पास्टर विजय ने 2 और लोगों को बुला लिया। ये शिवप्रसाद गौतम हैं, जो सरकारी टीचर हैं। उनके साथ उनकी पत्नी थीं। पास्टर: हमारे ये सर हैं, टीचर हैं। इनकी लाइफ में 2-4 साल से इतनी तकलीफ थी, जिसकी वजह से लाखों रुपया बर्बाद कर चुके थे। कितना बर्बाद किया- 12 से 13 लाख रुपए। जितना भी जॉब से आता था, तो वह सब उसी में लग जाता था। फिर प्रभु के निकट आए, उसके बाद से दिक्कत नहीं हुई। इसके बाद पास्टर विजय प्रभु के वचन मोबाइल पर देखकर हमें सुनाता है। सरकारी टीचर शिवप्रसाद गौतम: आप सही जगह आए हैं, क्योंकि हमारे जीवन में जितना भटकना लिखा होता है, उतना भटकना होता है। पास्टर विजय: देखिए, आपको इतनी चिंता करने की जरूरत नहीं। अगर आपको कोई दिक्कत होती है तो फोन पर प्रार्थना कर देंगे। रिपोर्टर: यहां फिर आना पड़ेगा क्या? पास्टर विजय: हां, 1-2 बार तो आना ही पड़ेगा। शिवप्रसाद की पत्नी: टेंशन मत लीजिए। आप चंगे हो जाएंगे। यह जानिए कि आप परमेश्वर के घर में बैठे हैं। रिपोर्टर: ठीक है। शिवप्रसाद की पत्नी: नेपाल से बाबा आ रहे हैं। वह आ जाएंगे, आपकी समस्या सुन लेंगे तो अच्छा होगा। लेकिन, उनको समय लगेगा। आपको कोई जल्दी तो नहीं है? रिपोर्टर: नहीं, हम लोगों को कोई जल्दी नहीं। पास्टर विजय: आप हमारे पास इधर आओ। बगल में बैठाने के बाद पास्टर विजय ने रिपोर्टर के सिर पर हाथ रखकर प्रार्थना की। पास्टर विजय: अब मैं जो कहूं, आप भी बोलिए। प्रभु, हम आपकी शरण में आते हैं। मेरा जीवन आपको देता हूं। रिपोर्टर: प्रभु हम आपकी शरण में आते हैं। मेरा जीवन मैं आपको देता हूं। जब धर्मांतरण करने वाले गिरोह को विश्वास हो गया कि उनका ब्रेनवॉश सफल हुआ, तो वे अगले स्टेप पर आ गए। इसमें हिदायत दी कि अगर कलाई का कटावा नहीं काटा, पूजा-पाठ बंद नहीं की तो बीमारी ठीक करने के लिए की गई प्रार्थना काम नहीं करेगी। शिवप्रसाद की पत्नी: आप कुछ ताबीज वगैरह तो नहीं पहने हैं? रिपोर्टर: एक महीना पहले पूजा-पाठ हुआ था। तभी ये कलावा पहना था। शिवप्रसाद की पत्नी: देखिए भाई साहब, इसको (कलावा) निकाल देंगे तो हम लोग जो प्रार्थना करेंगे, वह आपको लगेगी। नहीं तो ये काटेगा। ये जैसे पूजा-पाठ वाला है न। हां, तो इसको निकाल दीजिए। जानते हैं, हम व्रत रहते थे। जब ये प्रार्थना करें, तो हमारे पास प्रार्थना जाए ही नहीं। पास्टर विजय: (शिवप्रसाद की तरफ इशारा करते हुए) ये बोले कि देखो मेरे घर में कुछ नहीं है। सब कुछ निकाल दिया। लेकिन, मेरे प्रभु ने बताया कि इनके घर में बहुत कुछ पड़ा है। फिर हम घर गए। बोले- अलमारी खोलो, ये भी खोलो, वो भी खोलो। जब खुलवाने लगे तो निकलना शुरू हो गया। शिवप्रसाद की पत्नी: अरे पानी रखा था, कौन-सा पानी आता है। हरिद्वार या कहां का था? रिपोर्टर: हरिद्वार या प्रयागराज में गंगाजल मिलता है। शिवप्रसाद की पत्नी: हां, वो पानी प्रार्थना रोक रहा था। पास्टर विजय: देखिए, हमारा उद्देश्य है कि प्रार्थना बिल्कुल रुके नहीं। प्रार्थना लगे, तो बिल्कुल लगे। शिवप्रसाद की पत्नी: (अपने पति का उदाहरण देते हुए पास्टर से) देख नहीं रहे थे, जब आप प्रार्थना कर रहे थे तो ये फोएं-फोएं (प्रार्थना बेअसर हो गई) करें। पास्टर विजय: इनके ऊपर तो बहुत डेंजर असर था। पेट्रोल-डीजल डालकर भी जंतू (ताबीज) नहीं जल रहा था। रिपोर्टर: जंतू क्या होता है? सभी लोग: ताबीज वगैरह। पास्टर विजय: ये सब हमारी भाषा में जंतू बोलते हैं। इतने में कोई ब्लेड ले आया। पास्टर विजय ने रिपोर्टर की कलाई से कलावा काटा और बोला कि ये कलावा हम अपने पास रख रहे हैं। हमारी इन्वेस्टिगेशन में अब तक क्या पता चला? भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पार्ट- 2 में पढ़िए… अगले पार्ट में पढ़िए भास्कर रिपोर्टर के धर्मांतरण की पूरी प्रॉसेस, गिरोह के नेपाल तक फैले तार और गिरोह के मेंबर पुलिस को चकमा कैसे देते हैं? ------------------------ यह खबर भी पढ़ें… यूपी में डिटर्जेंट पाउडर से बना रहे दूध, 20 लीटर दूध मिनटों में 80 लीटर बना देते हैं; पहली बार कैमरे पर खुलासा एक बर्तन में सोया ऑयल और डिटर्जेंट पेस्ट लेकर हाथों से रगड़ें। इस सफेद पेस्ट को 60 लीटर पानी में मिलाएं। ऊपर से 20 लीटर शुद्ध दूध, 2 किलो शीरा पाउडर या ग्लूकोज मिलाएं। गाढ़ा करने के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाएं। लीजिए 80 लीटर सिंथेटिक दूध तैयार है। पूरी खबर पढ़ें…
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