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    ICU में भर्ती पद्मश्री प्रो.टीके लहरी से मारपीट का आरोप:परिजनों ने मेल में कहा-एसोसिएट प्रोफेसर ने दी गालियां, आंख में चोट के निशान

    5 hours ago

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    बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में करीब आठ महीने से भर्ती 85 वर्षीय पद्मश्री प्रोफेसर डॉ. टीके लहरी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि कार्डियोथोरेसिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडे ने आईसीयू में डॉ. लहरी को गाली दी और थप्पड़ मारा। घटना में उनके चेहरे पर चोट आई और एक आंख भी जख्मी होने का दावा किया गया है। मामले की शिकायत प्रो. लहरी के परिजनों ने ई-मेल के माध्यम से बीएचयू के कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक से की। शिकायत के बाद बीएचयू प्रशासन ने मामले की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया है। मेडिकल बोर्ड के सदस्यों ने आईसीयू में जाकर प्रो. लहरी की स्थिति का जायजा भी लिया है। डायरेक्टर बोले-मारने जैसा कोई मामला नहीं, वह ठीक हैं डायरेक्टर डॉ एस.एन संखवार ने कहा- परिजनों के तरफ से एक मेल आया था, जिसके बाद हम लोग मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जिस डॉक्टर पर आरोप लगा है वही डॉक्टर उनकी सेवा कर रहे हैं। वह उनके शिष्य हैं। जिन्होंने मेल किया था उनको हमने सारी रिपोर्ट और स्थिति भी साझा कर दी है। उन्हें यहां आकर देखने के लिए कहा गया है। लेकिन 2 सितंबर से अब तक वह लोग देखने के लिए नहीं आए है। डॉ एस.एन संखवार ने कहा एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है जो उन पर निगरानी रखता है। आठ महीने से आईसीयू में चल रहा इलाज पद्मश्री प्रो. टीके लहरी 27 जनवरी 2026 से बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं। यहां उनका इलाज चल रहा है। परिजनों को घटना की जानकारी कार्डियोथोरेसिक विभाग की ओर से एक सितंबर को मिली। इसके बाद उन्हें प्रो. लहरी के चेहरे पर चोट के फोटो भी उपलब्ध कराए गए। फोटो देखने के बाद परिजनों ने बीएचयू प्रशासन को ई-मेल भेजकर मामले की शिकायत की और निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि प्रो. लहरी की चिकित्सकीय जांच कराई जानी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि उन्हें केवल बाहरी चोट लगी है या शरीर के अंदर भी किसी प्रकार की चोट पहुंची है। परिजनों का दावा- BHU प्रशासन ने नहीं दी जानकारी प्रो. लहरी के परिवार के सदस्य कोलकाता में रहते हैं। परिजनों के मुताबिक, उन्हें थप्पड़ मारने और दुर्व्यवहार की जानकारी बीएचयू प्रशासन की ओर से नहीं, बल्कि विभाग के एक डॉक्टर से मिली। परिजनों का यह भी आरोप है कि प्रो. लहरी की बीमारी के बारे में भी बीएचयू प्रशासन को समय पर जानकारी नहीं मिल सकी थी। उनका कहना है कि प्रो. लहरी करीब 15 दिनों तक अपने घर में बिस्तर पर रहे। इसके बाद मामले के सामने आने पर उन्हें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज शुरू हुआ। 2003 में रिटायर हुए थे, इसके बाद भी मरीजों को देखते रहे प्रो. टीके लहरी का चिकित्सा सेवा से जुड़ाव सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रहा। कोलकाता में 3 जनवरी 1941 को जन्मे डॉ. लहरी वर्ष 2003 में आईएमएस बीएचयू से सेवानिवृत्त हुए थे। परिजनों के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद भी वह लंबे समय तक नियमित रूप से मरीजों को देखते रहे। वह अपने घर से पैदल सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की ओपीडी तक जाते थे और मरीजों का इलाज करते थे। उन्हें नरिया गेट से एनसीसी बटालियन वाली लेन, कुलपति आवास के सामने से सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की ओर जाते हुए भी देखा जाता रहा है। उम्र बढ़ने के बावजूद मरीजों की सेवा के प्रति उनका समर्पण बना रहा। 2006 में मिला था पद्मश्री मरीजों की सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए प्रो. टीके लहरी को वर्ष 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। परिजनों के मुताबिक वह अपनी पेंशन का बड़ा हिस्सा विभिन्न संस्थानों को दान करते रहे हैं। परिवार का कहना है कि प्रो. लहरी किसी से आर्थिक मदद लेना पसंद नहीं करते। अगर कोई उनकी मदद करने का प्रस्ताव देता है तो उसे भी स्वीकार नहीं करते। उनका जीवन सादगी और मरीजों की सेवा के लिए समर्पित रहा है। 'बेड की सफाई जरूरी थी, थप्पड़ नहीं मारा' कार्डियोथोरेसिक विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडे ने सफाई देते हुए कहा कि डॉ. लहरी ने बेड पर गंदगी कर दी थी। सफाई करने पहुंचे वार्ड बॉय पर वह थूकने लगे। संक्रमण के खतरे को देखते हुए मजबूरी में उन्हें फोर्स करके सफाई कराई गई। हालांकि, डॉ. पांडे ने थप्पड़ मारने के आरोप से इनकार किया। 'मरीज से जबरदस्ती या मारपीट नहीं हो सकती' कॉर्डियोलॉजी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. ओम शंकर ने मारपीट के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मरीज का व्यवहार चाहे जैसा हो, उसके साथ जबरदस्ती या मारपीट नहीं की जा सकती। मरीज के साथ हर परिस्थिति में मानवीय व्यवहार होना चाहिए और कानून को हाथ में नहीं लिया जा सकता।
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