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    कानपुर में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले 3 गिरफ्तार:साइबर कैफे की आड़ में चल रहा था नेटवर्क, विधायक की फर्जी मोहर भी मिली

    4 hours ago

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    कानपुर के कल्याणपुर में साइबर कैफे की आड़ में चल रहे फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मौके से 120 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, 112 आय-निवास प्रमाण पत्र, विधायक की फर्जी मोहर लगे आधार अपडेट दस्तावेज, फर्जी पहचान पत्र, सरकारी मोहरें और दस्तावेज तैयार करने वाले उपकरण बरामद हुए हैं। शुक्रवार शाम 4 बजे पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साइबर कैफे से चल रहा था जालसाजी का नेटवर्क साइबर क्राइम सेल पश्चिमी जोन और कल्याणपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि आनंदेश्वर साइबर कैफे में अवैध रूप से सरकारी दस्तावेज तैयार कर लोगों से मोटी रकम वसूली जा रही है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज और उपकरण बरामद हुए, जिन्हें देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। विधायक की फर्जी मोहर लगे आधार अपडेट दस्तावेज मिले पुलिस के अनुसार मौके से 120 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, 112 आय एवं निवास प्रमाण पत्र और विधायक की फर्जी मोहर लगे दो आधार अपडेट प्रमाण पत्र बरामद हुए। इसके अलावा फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, विभिन्न सरकारी विभागों की मोहरें, स्टांप, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर और दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए। तीन आरोपी गिरफ्तार, कई और की तलाश कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नानकारी निवासी तेजस पाल, नरामऊ निवासी नितेश कुमार और बंबा रोड निवासी अनुराग को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को सरकारी योजनाओं, नौकरी, बैंकिंग और अन्य कार्यों के लिए उपलब्ध कराता था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में दबिश दे रही है। तकनीकी और फॉरेंसिक जांच शुरू पुलिस बरामद दस्तावेजों की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच करा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किन सरकारी पोर्टलों या पहचान संबंधी प्रणालियों का दुरुपयोग किया गया। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह का नेटवर्क केवल कानपुर तक सीमित था या अन्य जिलों तक फैला हुआ था। डीसीपी बोले- पूरे नेटवर्क का होगा खुलासा डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। ये सामान बरामद हुए डीबीडब्ल्यू, जनता पोर्टल और ई-डिस्ट्रिक्ट के नाम पर फर्जी वेबसाइट पुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप से डीबीडब्ल्यू, जनता पोर्टल और ई-डिस्ट्रिक्ट जैसी सरकारी वेबसाइटों से मिलती-जुलती तीन फर्जी वेबसाइट मिलीं। पुलिस के अनुसार, इनका संचालन विदेशी (ताजिकिस्तान) नंबरों के जरिए किया जा रहा था। इन्हीं वेबसाइटों के माध्यम से फर्जी मार्कशीट, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड में नाम संशोधन, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार किए जाते थे। 17 हजार रुपये में तैयार होती थी फर्जी मार्कशीट मुख्य आरोपी तेजस पाल ने पूछताछ में बताया कि यूपी, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई बोर्डों की फर्जी मार्कशीट 17 हजार रुपये में तैयार कर देता था। इसके अलावा आधार, जन्म, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज तैयार करने के लिए प्रति दस्तावेज 500 रुपये अलग से लिए जाते थे। ताजिकिस्तान के नंबरों से जुड़े थे व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप डीसीपी वेस्ट एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि आरोपी ताजिकिस्तान के नंबरों से संचालित व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप से जुड़े थे। पुलिस अब इन विदेशी नंबरों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही इंटरनेट कैफे की आड़ में इसी तरह का फर्जीवाड़ा करने वाले अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है। कैफे की आड़ में चल रहा था फर्जीवाड़ा मुख्य आरोपी तेजस पाल ग्रेजुएट है, जबकि उसके दो साथी इंटरमीडिएट पास हैं। तेजस ने कल्याणपुर में 'आनंदेश्वर कैफे' के नाम से दुकान खोल रखी थी। उसके साथी नितेश और अनुराग भी अलग-अलग इंटरनेट कैफे संचालित कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का काम कर रहे थे। 10 मिनट में बन जाता था मैरिज सर्टिफिकेट पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे देश के किसी भी राज्य का मैरिज सर्टिफिकेट 5 से 10 हजार रुपये लेकर महज 10 मिनट में तैयार कर देते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से कई फर्जी मैरिज सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, राशन कार्ड, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बरामद किए हैं। विधायक के नाम की फर्जी मोहर भी मिली पुलिस ने मुख्य आरोपी तेजस के पास से कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार के नाम की कथित फर्जी मोहर भी बरामद की है। आरोप है कि इस मोहर का इस्तेमाल आय, जाति, निवास और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज तैयार करने में किया जाता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन फर्जी दस्तावेजों का कहां-कहां इस्तेमाल हुआ और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
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