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    मुकदमे में फंसे कोचिंग संचालक ने आगे कर दिए बच्चे:पैरेंट्स ने मोटी फीस भरकर इन्हें पढ़ने भेजा; बार अध्यक्ष बोले-पुलिस को FIR लिखनी चाहिए

    3 hours ago

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    ​मुरादाबाद में 10 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी के मामले में फंसे कोचिंग संचालक विवेक ठाकुर की मुश्किल बढ़ती जा रही हैं। एमडीए ने उनके कोचिंग इंस्टीट्यूट की बिल्डिंग को अवैध उपयोग के मामले में सील करने के आदेश दिए हैं। विवेक पर आरोप लगा रहा है कि वे कार्रवाई से बचने और प्रशासन पर प्रेशर बनाने के लिए अपने यहां पढ़ने वाले सीधे-साधे बच्चों को ढाल बनाकर इस्तेमाल कर रहे हैं। गुरुवार को स्कॉलर डेन के बाहर दर्जनभर छात्रों और कुछ फैकल्टी मेंबर के प्रदर्शन और बयानबाजी के बाद ये आरोप लगने शुरू हुए हैं। भारी-भरकम फीस भरकर अभिभावक अपने बच्चों को यहां पढ़ने भेजते हैं, और आरोप है कि कोचिंग संचालक उन्हीं बच्चों से प्रदर्शन और बयानबाजी कराकर बच्चों को कीमती वक्त बर्बाद कर रहे हैं। बता दें कि ​एमडीए (MDA) ने गारमेंट शोरूम के नक्शे पर अकबर किला तहसील के पास सिविल लाइंस एरिया में अवैध रूप से चल रहे 'स्कॉलर डेन' कोचिंग इंस्टीट्यूट को सील करने के आदेश पारित किए हैं। इसके साथ ही कोचिंग के बच्चों और फैकल्टी मेंबर्स का यह प्रदर्शन सामने आया है। इसे कोचिंग संचालक विवेक ठाकुर ने नई पैंतरेबाजी के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को हुआ 10 मिनट का प्रदर्शन प्रायोजित था। जिसे संस्थान के ही इशारे पर किया गया था। आरोप है कि प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए बच्चों के कंधे पर बंदूक रखकर प्रशासन पर निशाना साधने की यह कोशिश साफ दिखाई दे रही है। ​अभिभावकों ने पढ़ने भेजा, संचालक दे रहा प्रदर्शन की ट्रेनिंग ​कोचिंग संचालक के बरगलाने पर सड़क पर उतरे इन मासूम बच्चों को शायद यह भी नहीं पता कि इसके पीछे क्या कहानी है। उनके माता-पिता भी इस बात से बेखबर होंगे; उन्हें लगा होगा कि बच्चे संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन जिस तरह बच्चों को ढाल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। उससे आने वाले दिनों में ये छात्र भी किसी कानूनी मुश्किल में फंस सकते हैं। जिन बच्चों से प्रदर्शन और बयानबाजी कराई गई है, उनमें से कई नाबालिग भी हैं। ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि क्या बच्चों के पैरेंट्स से इस बात की अनुमति ली गई थी कि उनके बच्चों को इस तरह के प्रदर्शन और बयानबाजी में झोंका जा रहा है। ​3-4 लाख तक वसूली, फिर बच्चों से नारेबाजी क्यों? नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अभिभावक का कहना है कि कोचिंग संचालक विवेक ठाकुर प्रति छात्र औसतन 3 से 4 लाख रुपए तक वसूल करते हैं। ऐसे में बच्चों को नियमों के अनुसार सुरक्षित और वैध स्टडी स्पेस देना उसकी कानूनी जिम्मेदारी है। संस्थान में किसी भी बच्चे को कोई रियायत नहीं दी जाती, यहां तक कि निर्धारित समय के बाद सेल्फ स्टडी करने पर भी अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जो संचालक बच्चों को चवन्नी की भी राहत नहीं देता, वह आज अपने फायदे के लिए उन्हें सड़क पर क्यों ला रहा है? बार अध्यक्ष बोले- ये बच्चों के एक्सप्लोइटेशन का मामला द बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट आनंद मोहन गुप्ता कहते हैं- ‘निजी लाभ के लिए बच्चों का दुरुपयोग मानवाधिकारों और बाल कल्याण का गंभीर उल्लंघन है। पुलिस को मामले में अभियोग पंजीकृत करना चाहिए और अभिभावकों को भी इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। कोई व्यक्ति अपने गैरकानूनी गतिविधि पर कार्रवाई से बचने के लिए यदि बच्चों का इस्तेमाल करता है तो यह आपराधिक कृत्य है। पुलिस जायज बात उठाने के लिए प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आएदिन मुकदमे दर्ज करती है फिर यहां तो एक आदमी बच्चों की आड़ में अपनी गैरकानूनी गतविधि को छुपाने का प्रयास कर रहा है। इस मामले में अभी तक FIR क्यों नहीं हुई? पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करनी चाहिए।’ पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, दर्ज हो BNS 95 का केस सीनियर ​एडवोकेट अनुज विश्नोई का कहना है: कोचिंग संचालक विवेक ठाकुर की यह करतूत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 95 के तहत दंडनीय अपराध है। पुलिस को इस मामले में तुरंत केस दर्ज करना चाहिए। BNS की धारा 95 स्पष्ट कहती है कि यदि कोई व्यक्ति अपने अपराध को छिपाने या उसे अंजाम देने के लिए बच्चों को शामिल करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन प्रदर्शन के बाद भी पुलिस ने अब तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया है। 4 दिन पहले दर्ज हुई है 10 लाख की धोखाधड़ी की FIR ​बता दें कि तहसील के पास 'स्कॉलर्स डेन' के नाम से कोचिंग चलाने वाले विवेक ठाकुर उर्फ वीटी के खिलाफ 4 दिन पहले ही सिविल लाइंस पुलिस ने धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है। विवेक पर आरोप है कि उन्होंने शहर के एक ट्रैवल एजेंसी संचालक से कार्यक्रम के लिए फ्लाइट टिकट बुक कराए और बाद में उसके 10 लाख रुपए से अधिक हड़प लिए। पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है। ​विवादित जमीन और गारमेंट शोरूम का नक्शा ​मामला सिर्फ 10 लाख की धोखाधड़ी तक ही सीमित नहीं है। संस्थान की बिल्डिंग को लेकर भी गंभीर विवाद हैं। जिस जमीन पर 'स्कॉलर डेन' चल रहा है, वह विवादित भूमि है और इस पर कब्जे को लेकर पूर्व में गोलीबारी भी हो चुकी है। इसके अलावा, एमडीए से नक्शा गारमेंट शोरूम का पास कराया गया था, लेकिन वहां धड़ल्ले से कोचिंग चलाई जा रही है। स्कूल टाइम में कोचिंग संचालन पर अफसर मौन ​सरकारी नियमों के मुताबिक, स्कूल के समय में किसी भी कोचिंग का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद स्कॉलर डेन में सुबह से ही कक्षाएं शुरू हो जाती हैं। यहाँ पढ़ने वाले अधिकांश छात्र कक्षा 9वीं से 12वीं के हैं। सवाल यह है कि जब ये छात्र पूरे साल स्कूल के समय में कोचिंग में रहते हैं, तो स्कूलों में इनकी 75% उपस्थिति का मानक कैसे पूरा होता है? साफ है कि इस उपस्थिति को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है, जिस पर शिक्षा विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। विवेक ने मीडिया से कहा-मुझ पर लगे आरोप झूठे वहीं इस मामले मे विवेक ठाकुर ने मीडिया को दिए स्टेटमेंट में अपने ऊपर लगे आरोपों को सरासर बेबुनियाद बताया है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को खुद को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। शिकायतकर्ता ने कहा-मुझे जज-अफसरों के नाम पर धमकाया दूसरी ओर विवेक ठाकुर के खिलाफ FIR दर्ज कराने वाले मल्होत्रा ट्रैवल्स के संचालक हेमन्त मल्होत्रा ने आरोप लगाया है कि विवेक ठाकुर ने पैसे का तकादा करने पर उन्हें धमकाया कि उनके कोचिंग में न्यायिक अधिकारियों, अफसरों और नेताओं के बच्चे पढ़ते हैं, पैसे की मांग की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।
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