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    मऊ डीएम ने अफसरों को फटकारा:721 विकास योजनाओं की समीक्षा की, कहा- गुणवत्ता में सुधार लाएं नहीं तो कार्रवाई होगी

    7 hours ago

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    मऊ में जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। कैंप कार्यालय सभागार में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री सूचना प्रणाली (CMIS) डैशबोर्ड के तहत जनपद में चल रहे निर्माण एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कुल 721 विकास योजनाएं संचालित हैं, जिनकी अनुमानित लागत 4,915.77 करोड़ रुपये है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि अवमुक्त धनराशि के अनुपात में व्यय बढ़ाया जाए और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की 31 योजनाओं में से 25 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 6 पर काम जारी है। विभाग ने 2,206.40 करोड़ रुपये में से 1,630.41 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जिलाधिकारी ने बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सभी कार्य जुलाई से पहले पूरे करने के निर्देश दिए। ग्रामीण जल निगम की 552 योजनाओं में से केवल 108 योजनाएं पूर्ण होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जल जीवन मिशन के तहत काम कर रही कंपनियों केएलएसआर और एलसी इंफ्रा की धीमी प्रगति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बिना पेनल्टी भुगतान के बिल जारी न करने के निर्देश दिए। नगर विकास विभाग की दो अधूरी परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश मुख्य विकास अधिकारी को दिए गए। इसके अतिरिक्त, जिला चिकित्सालय में निर्माणाधीन 100 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक अंतिम चरण में बताया गया। बैठक में सेतु निगम द्वारा बनाए जा रहे इन्दारा-मऊ फोर लेन रेल उपरिगामी सेतु (ROB), परिवार न्यायालय भवन, पुलिस लाइन ट्रांजिट हॉस्टल, फायर स्टेशन, स्पोर्ट्स स्टेडियम, तथा नगर पालिका की फूड स्ट्रीट और घाट सौंदर्यीकरण योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को परियोजनाओं की अद्यतन तस्वीरें उपलब्ध कराने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सीएमआईएस पोर्टल पर नियमित रूप से प्रगति अपडेट करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्माण कार्यों की निरंतर निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती करने का भी निर्देश दिया।
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