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    नेपाल में बाढ़, नदियों में पानी बढ़ने की आशंका:बलरामपुर की राप्ती नदी खतरे के निशान से 2 मीटर नीचे, 32 बाढ़ चौकियां तैयार

    4 hours ago

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    नेपाल के रसुवा में चीन-तिब्बत सीमा के पास भारी बारिश और ग्लेशियर झील फटने की घटना के बाद नेपाल से सटे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान नारायणी और कोसी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन सतर्क है, लेकिन बलरामपुर के लिए फिलहाल राहत की खबर है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि नेपाल में आई इस बाढ़ का बलरामपुर पर सीधे असर पड़ने की संभावना नहीं है। नारायणी और कोसी नदियों में पानी बढ़ने की स्थिति का प्रभाव मुख्य रूप से बिहार के उन क्षेत्रों में पड़ सकता है, जो इन नदी तंत्रों से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद बलरामपुर प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अपनी तैयारियां पूरी कर रखी हैं और प्रमुख नदी राप्ती की लगातार निगरानी की जा रही है। नेपाल के रसुवा जिले में चीन-तिब्बत सीमा के पास हुई घटना के बाद नदी तंत्रों में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। भारी बारिश के बीच ग्लेशियर जनित झील फटने से नीचे की ओर बहने वाले पानी की मात्रा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर इस स्थिति को लेकर लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। आशंका है कि अगले 24 से 48 घंटे के दौरान इसका असर नारायणी और कोसी नदी के जलस्तर पर दिखाई दे सकता है। हालांकि बलरामपुर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों नदियों के जलप्रवाह का जिले पर सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। इसके बावजूद नेपाल में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन किसी भी स्थिति को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 1.95 मीटर नीचे नेपाल में आई आपदा के बीच बलरामपुर में सबसे ज्यादा नजर राप्ती नदी पर रखी जा रही है। गुरुवार सुबह 8 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 102.600 मीटर दर्ज किया गया। राप्ती नदी का चेतावनी स्तर 103.620 मीटर और खतरे का निशान 104.620 मीटर निर्धारित है। मौजूदा समय में नदी खतरे के निशान से करीब 1.95 मीटर नीचे बह रही है। ऐसे में फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में जिले में कहीं भी बाढ़, लोगों के विस्थापन या किसी अन्य आपात स्थिति की सूचना नहीं है। हालांकि नदी के जलस्तर में होने वाले हर बदलाव पर नजर रखी जा रही है, ताकि अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। तटबंध और संवेदनशील इलाकों की निगरानी तेज, 32 बाढ़ चौकियां तैयार बलरामपुर प्रशासन ने संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारियां कर रखी हैं। जिले में 32 बाढ़ चौकियां सक्रिय रखी गई हैं, जबकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए 19 बाढ़ शरणालय तैयार हैं। इसके अलावा 32 मेडिकल टीमें और 19 पशु शिविर भी तैयार रखे गए हैं। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ की स्थिति बनने पर राहत और बचाव अभियान तुरंत शुरू किया जा सकता है। संबंधित विभागों को राप्ती नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय स्तर पर भी अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रखा गया है। प्रशासन की अपील- अफवाहों से बचें, फिलहाल सामान्य हैं हालात नेपाल में आई आपदा के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से तरह-तरह की सूचनाएं फैलने लगी हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट सूचनाओं और अफवाहों पर भरोसा न करें। प्रशासन ने दोहराया है कि नारायणी और कोसी नदियों में संभावित जलस्तर वृद्धि का बलरामपुर पर सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। जिले की स्थिति फिलहाल सामान्य बनी हुई है। हालांकि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और राप्ती नदी के साथ तटबंधों तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव से जुड़े सभी संसाधनों को तुरंत मैदान में उतारा जाएगा।
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