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    रोवर तकनीक से रामघाट में सरयू नदी का सीमांकन शुरू:प्राकृतिक जल प्रवाह क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए संयुक्त टीम कर रही वैज्ञानिक सर्वे

    4 hours ago

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    चित्रकूट के रामघाट क्षेत्र में सरयू नदी की असली सीमा तय करने के लिए वैज्ञानिक सर्वे शुरू हो गया है। डीएम पुलकित गर्ग के निर्देश पर राजस्व विभाग, नगर पालिका और संयुक्त क्षेत्र विकास प्राधिकरण की टीम रोवर तकनीक से नदी क्षेत्र का सर्वे कर रही है। इस सर्वे से नदी की सीमा सही तरीके से तय की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि सर्वे का मुख्य मकसद नदी के असली क्षेत्र को पहचानना और उसके प्राकृतिक जल प्रवाह को सुरक्षित रखना है। इस तकनीकी सर्वे से नदी क्षेत्र की स्थिति का वैज्ञानिक तरीके से पता लगाया जा रहा है, ताकि भविष्य में नदी के प्राकृतिक बहाव में कोई रुकावट न आए। जानकारी के अनुसार, पहले सरयू नदी से जुड़े कई जलस्रोतों से लगातार पानी बहता था। ये जलधाराएं आगे चलकर मंदाकिनी नदी में मिल जाती थीं। इससे मंदाकिनी नदी का जल प्रवाह भी बढ़ जाता था। लेकिन, स्थानीय अतिक्रमण और जलस्रोतों के बंद होने से इन प्राकृतिक जलधाराओं का बहाव रुक गया है। प्रशासन का मानना है कि नदी की सीमा तय होने के बाद उसके जल क्षेत्र को बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही, जिन जलस्रोतों और प्राकृतिक जलधाराओं का बहाव रुका है, उन्हें पहचानकर उनके संरक्षण पर काम किया जा सकेगा। इससे बारिश के पानी के प्राकृतिक निकास को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। रामघाट क्षेत्र में नदी की सीमा साफ होने के बाद प्रशासन को जल क्षेत्र में होने वाले अतिक्रमण को रोकने में भी आसानी होगी। अधिकारियों के अनुसार, सीमांकन और जलस्रोतों के संरक्षण से प्राकृतिक जल प्रवाह फिर से शुरू हो पाएगा। इसका अच्छा असर मंदाकिनी नदी के जलस्तर और बहाव पर भी पड़ सकता है। सर्वे पूरा होने के बाद मिले तकनीकी आंकड़ों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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