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    सिपाही ने श्मशान घाट पर बच्ची के साथ किया रेप:फटा पेट, टूटी हड्डियां; हाथ बांधकर नदी में फेंका; गोरखपुर में भाई का जन्म हुआ

    7 hours ago

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    'मेरे पति को छेड़छाड़ के आरोप में सस्पेंड किया गया था। तब मैंने पति से कहा कि हमारी भी एक बेटी है, आप ऐसी हरकतें कैसे कर सकते हो? इस बात पर उसने मुझे खूब पीटा। लोगों ने ताने दिए। कहा- कि पुलिस में होकर भी तेरा पति छेड़छाड़ करता है। मैं 2 साल पहले उसे छोड़कर बेटा-बेटी को लेकर मायके गाजीपुर आ गई।' ये कहना है गोरखपुर में बच्ची की रेप के बाद हत्या करने वाली आरोपी सिपाही की पत्नी का। कहा कि उसने अब जो किया है, वह माफी के लायक नहीं है। मुझे समझ नहीं आता कि वह अब अपनी बेटी की आंखों में देखकर कैसे जी पाएगा। मैं भगवान से यही प्रार्थना करती हूं कि जिंदगी में दोबारा कभी उसके साथ न रहना पड़े। जिस मासूम के साथ उसने यह हैवानियत की है, उसकी कोई माफी नहीं हो सकती। उधर, शाम करीब 6 बजे राजघाट पर बच्ची का अंतिमसंस्कार हुआ। पिता ने अपनी बेटी को मुखाग्नि दी। इसके करीब 3 घंटे बाद बच्ची की मां ने एक बेटे को जन्म दिया। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… बच्ची के पैर, गर्दन सहित 5 हड्डियां टूटी 35 साल के सिपाही ने बच्ची के साथ श्मशान घाट पर बने एक कमरे में हैवानियत की थी। बच्ची के पैर, गर्दन सहित शरीर की 5 हडि्डयां टूट गईं थी। उसके हाथ की उंगलियां भी कट गई थी। पेट भी फट गया था, आंते बाहर आ गई थी। प्राइवेट पार्ट पर गहरे जख्म के निशान थे। इसके बाद आरोपी सिपाही ने हाथ पीठ के पीछे बांधकर नदी में फेंक दिया। नदी कें अंदर बच्ची काा सिर पत्थर से टकराया। नदी में बच्ची की सांस फूलने से मौत हो गई। ये बातें पोस्टमॉर्टम में सामने आई। 28 जुलाई की रात जिला अस्पताल से बच्ची गायब हुई थी। 36 घंटे बाद पुलिस ने चिऊटहां पुल के नीचे से शव बरामद किया। 29 जुलाई को पुलिस ने आरोपी को अरेस्ट कर लिया। गुरुवार को आरोपी सिपाही को जिला अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस सिपाही को मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल ले गई। उसे देखते ही अस्पताल के कर्मचारी भड़क गए और हमला कर दिया। पुलिसवालों ने बड़ी मुश्किल से सिपाही को छुड़ाया। इधर, बच्ची नहीं लौटी, तो घरवालों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के लिए पुलिस ने 10 टीमें लगाईं, 200 CCTV फुटेज खंगाले। इसमें बाइक की नंबर प्लेट से आरोपी सिपाही की पहचान हुई। पुलिस ने सिपाही को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। गुरुवार सुबह साढ़े 8 बजे आरोपी सिपाही की निशानदेही पर पुलिस ने बच्ची का शव बरामद किया। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया- सिपाही अभिषेक यादव गोरखपुर में डायल-112 में तैनात था। जनवरी, 2025 में उसने बंगाल की एक महिला से छेड़छाड़ की थी। तब भी उसे सस्पेंड किया गया था। जेल भी भेजा गया था। सितंबर, 2025 में उसकी बहाली हुई थी। अभिषेक 2018 बैच का सिपाही था। उसकी 13 साल की एक बेटी है। सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया है। उस पर पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज की गई है। रासुका (एनएसए) भी लगाया जाएगा। पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप जांच में सामने आया कि अभिषेक यादव का विभागीय रिकॉर्ड पहले से विवादों में रहा है। उस पर एक महिला से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। इस मामले में वह करीब नौ महीने तक जेल में भी रहा। इसके बाद फरवरी में उसकी बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई और सितंबर 2025 में उसे फिर से नौकरी पर बहाल कर दिया गया। वारदात के बाद भी करता रहा ड्यूटी सबसे हैरानी की बात यह रही कि वारदात के बाद भी आरोपी सामान्य तरीके से अपनी ड्यूटी करता रहा। उसके व्यवहार से किसी को जरा भी शक नहीं हुआ। बाद में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी में दिखी बाइक के नंबर के आधार पर उसकी पहचान की और गिरफ्तारी तक पहुंची। देखिए 3 तस्वीरें… पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस शव सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के प्राइवेट पार्ट में चोट मिली। गर्दन की हड्‌डी भी टूटी थी। हत्या के 36 घंटे बाद पुलिस को बच्ची की लाश मिली। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस शाम 5 बजे बच्ची का शव एंबुलेंस से सीधे राजघाट लेकर पहुंची। पिता ने बच्ची का अंतिम संस्कार किया। परिवार ने 50 लाख रुपए, नौकरी और आरोपी को फांसी देने की मांग की है। बहन बोली- इस बार रक्षा बंधन पर मेरा भी भाई आएगा 7वीं कक्षा में पढ़ने वाली बड़ी बहन ने बताया- मेरी मम्मी प्रग्नेट थी। इसलिए उनकी तबीयत अक्सर खराब रहती थी। हम 5 बहनें हैं। मृतका दूसरे नंबर की थी। 27 जुलाई की शाम करीब 7 बजे मेरी अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में तेज दर्द होने लगा और तेज बुखार आ गया। पापा मुझे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। अस्पताल में मेरे साथ दादी रुकी थीं। 28 जुलाई को घर पर पापा के न होने से वह बहन के साथ खाना लेकर अस्पताल आई। उसने मुझे खाना खिलाया। इसके बाद वह घर जाने लगी, तभी उसके साथ हादसा हो गया। मेरी बहन अक्सर मां से कहती थी कि इस बार रक्षा बंधन पर मेरा भी भाई आएगा। मैं उसे राखी बांधकर अपना सपना पूरा करूंगी, लेकिन वह यह दिन देखने से पहले ही इस दुनिया से चली गई। अगर आज वह होती, तो सबसे ज्यादा खुश वही होती। वह हमेशा मां से भाई की जिद करती थी। उसका सपना था कि पढ़-लिखकर एक अच्छी डॉक्टर बने और लोगों का इलाज करे। अब उसका यह सपना भी उसके साथ ही अधूरा रह गया। अस्पताल में भर्ती बहन को खाना देने गई थी आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना इलाके के रहने वाले एक युवक ने बुधवार को पुलिस से शिकायत की थी। बताया था कि पिछले 4 साल से पत्नी और 5 बेटियों के साथ गोरखपुर में किराए पर रहते हैं। ई-रिक्शा चलाकर घर चलाते हैं। पत्नी प्रेग्नेंट है। 27 जुलाई को 13 साल की बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द और बहुत तेज बुखार हो गया। मैं तुरंत उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने उसे एडमिट कर लिया। 28 जुलाई को मैं काम पर गया था। पत्नी की भी तबीयत ठीक नहीं थी। इसलिए रात 8:30 बजे मेरी 10 साल बेटी अपनी बीमार बड़ी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल गई थी। रात 10 बजे घर वह लौटने के लिए निकली। जब वह काफी देर तक घर नहीं आई, तो मैं हॉस्पिटल पहुंचा। इधर-उधर पूछताछ की। हर जगह ढूंढा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पिता बोले- बेटी ने बताया, सिपाही बच्ची के पीछे पड़ा था पिता ने बताया- अस्पताल में भर्ती बड़ी बेटी से पूछा तो उसने बताया कि जब हम दोनों बहनें बाहर बैठकर खाना खा रहे थे, तभी पुलिस वर्दी पहने एक व्यक्ति आया। उसने पूछा कि कहां रहती हो? हमने पता बताया, तो उसने कहा कि रात काफी हो गई है। अगर किसी को घर जाना हो, तो मैं छोड़ दूंगा। बड़ी बेटी ने उससे कहा कि छोटी बहन को घर जाना है। इसके बाद वह मेरी छोटी बेटी के पीछे पड़ गया। लेकिन, बेटी ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया। रात करीब 10 बजे जब छोटी बेटी अस्पताल से निकली, तो सिपाही भी उसके पीछे-पीछे निकल गया। CCTV में बच्ची को गाड़ी पर बैठाते दिखा था सिपाही पिता की शिकायत के बाद पुलिस एक्शन में आ गई। अस्पताल के CCTV खंगाले, तो लड़की की बात सच निकली। 39 सेकेंड की फुटेज में लड़की हॉस्पिटल से बाहर पैदल जाती दिखी। उसके पीछे वर्दी पहनकर सिपाही बाइक से आता दिखा। पास पहुंचकर रुक गया। कुछ देर बात की। फिर लड़की उसकी बाइक पर बैठ गई। सिपाही ने पुलिस को पूछताछ में बताया- 28 जुलाई को मैं अस्पताल में दवा लेने आया था। इसी दौरान बच्ची मिल गई। घर छोड़ने के बहाने उसे किडनैप कर लिया था। सिपाही की पत्नी और बेटी गाजीपुर में रहती है आरोपी सिपाही अभिषेक यादव मूल रूप से गाजीपुर के शादियाबाद थाना क्षेत्र के हंसराजपुर चौरा गांव का रहने वाला है। उसकी शादी दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव में हुई थी। मेरिट के आधार पर 2016 में उसकी नियुक्ति हुई थी। 2018 से उसकी तैनाती गोरखपुर में थी। उसकी पत्नी बेटी के साथ गाजीपुर में ही रहती है। पत्नी बोली- बच्चों को लेकर मायके में रहती हूं घटना की जानकारी मिलने के बाद उसकी पत्नी ने कहा, "उनकी आदतों की वजह से मैं बच्चों को लेकर काफी समय से मायके में रह रही हूं। भगवान से यही दुआ करती हूं कि दोबारा कभी उनके साथ न रहना पड़े। जिस मासूम के साथ यह हुआ, उसे कभी माफ नहीं किया जा सकता। हमारी भी एक बेटी है। अब वह समाज में किस मुंह से अपना चेहरा दिखाएंगे? ……………………………………. यह खबर भी पढ़ें मौलाना ने खुद को जिंदा जलाया, बोला-पत्नी टॉर्चर करती है: बरेली में आग का गोला बनकर सड़क पर भागा, पत्नी चीखते हुए पीछे दौड़ी, VIDEO बरेली में पत्नी से तंग आकर मौलाना ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। गंभीर रूप से झुलसे मौलाना की बुधवार शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। यहां पढ़ें पूरी खबर
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