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    स्वाइन फ्लू की जांच को जल्द शुरू होगी RT-PCR लैब:अलीगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी, मशीन की तकनीकी खामी दूर करने में जुटे विशेषज्ञ

    26 minutes ago

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    अलीगढ़ में स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में स्थापित RT-PCR लैब जल्द शुरू होने की उम्मीद है। लैब की मशीन में तकनीकी खराबी आने के बाद विशेषज्ञ इसकी जांच कर रहे हैं। खामी दूर होते ही यहां स्वाइन फ्लू और इन्फ्लूएंजा की जांच शुरू हो जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामनाथ सिंह ने बताया कि जिले में स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं, लेकिन फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है। वर्तमान में कोई गंभीर संक्रमित मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है। संक्रमित मरीजों का उपचार और उनकी निगरानी की जा रही है। उपचार के बाद मरीज स्वस्थ भी हो रहे हैं। अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड, दवाओं का स्टॉक संक्रमित मरीजों को भर्ती कर इलाज देने के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है। चिकित्सा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-नि्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन्फ्लूएंजा ए और बी के उपचार व जांच से संबंधित जरूरी संसाधन उपलब्ध हैं। अस्पतालों में टेमीफ्लू कैप्सूल, PPE किट, VTM, N-95 मास्क, सर्जिकल मास्क और ग्लव्स समेत आवश्यक दवाएं और उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का दावा किया गया है। फ्रंटलाइन वर्कर्स को संक्रमण से बचाव के लिए प्रतिरक्षित भी किया जा रहा है। खांसी-छींक के जरिए फैल सकता है संक्रमण सीएमओ ने बताया कि स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। ऐसे में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से खांसते-छींकते समय नाक-मुंह ढकने और हाथों को साबुन से नियमित साफ करने की अपील की है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा नहीं लेने को कहा गया है। बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सांस लेने में दिक्कत या गंभीर लक्षण होने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने को कहा गया है। आयुर्वेदिक उपाय केवल सहायक, इलाज का विकल्प नहीं क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार के अनुसार संक्रमण के दौरान संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और पानी का सेवन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। गुनगुना पानी, हल्दी वाला दूध और अदरक-तुलसी की हल्की चाय जैसे पारंपरिक उपाय सामान्य स्वास्थ्य के लिए लिए जा सकते हैं। हालांकि, इन उपायों को स्वाइन फ्लू का इलाज नहीं माना जा सकता। बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या फ्लू जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार को प्राथमिकता देना जरूरी है।
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