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    शंकराचार्य के वकील को जान से मारने की धमकी:मोबाइल पर आया मैसेज, लिखा- बनारस कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी

    4 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील श्रीनाथ त्रिपाठी को जान से मारने की धमकी मिली है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य त्रिपाठी के मोबाइल पर बुधवार देर रात ढाई बजे धमकी भरा मैसेज आया। मैसेज में लिखा था कि वाराणसी की कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हे भी। दरअसल, शंकराचार्य के ऊपर लगे पॉक्सो एक्ट के मामले को श्रीनाथ त्रिपाठी ही देख रहे हैं। श्रीनाथ त्रिपाठी ने SMS का स्क्रीन शॉट खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। मैसेज भेजने वाले की पहचान की जा रही है। पिछले 14 दिनों में यह चौथा मौका है, जब वाराणसी कचहरी को उड़ाने की धमकी मिली है। इससे पहले मंगलवार को भी धमकी भरा ईमेल आया था, जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय वाराणसी परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया गया था। पहले तस्वीरें- चौथे दिन पुलिस शंकराचार्य से कर सकती है पूछताछ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर प्रयागराज के झूसी थाने में पाक्सो एक्ट में FIR दर्ज होने के बाद आज चौथा दिन है। इस मामले में पीड़ितों और उनके परिजनों से प्रयागराज पुलिस ने पूछताछ की है। पिछले 3 दिनों से प्रयागराज पुलिस के वाराणसी में होने की सूचना बीच अभी तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुलानंद का बयान नहीं लिया है। बताया जा रहा है प्रयागराज पुलिस आज शंकराचार्य के विद्या मठ पर पहुंचकर पूछताछ कर सकती है। केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। शंकराचार्य आरोप लगा रहे हैं कि आशुतोष ब्रह्मचारी और पुलिस के बीच साठगांठ है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई उन्हें डराने और गौ माता की हत्या के विरोध में चल रहे अभियान को रोकने के लिए की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसा नहीं होगा और सभी संतों के साथ 11 मार्च को लखनऊ में प्रस्तावित प्रदर्शन किया जाएगा। पॉक्सो केस में पूछताछ को मठ नहीं पहुंची टीम शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इस समय वाराणसी के श्री विद्यामठ में प्रवास कर रहे हैं। बुधवार सुबह करीब 10 बजे से ही श्रद्धालु मठ पहुंचने लगे और यह सिलसिला शाम 6 बजे तक चलता रहा। इस दौरान कई राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी मठ पहुंचे और शंकराचार्य को अपना समर्थन जताया। ‘बटुकों के शोषण के सबूत हमारे पास’, डिप्टी CM पर भी साधा निशाना वहीं, प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने तीसरे दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फिर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अविमुक्तेश्वरानंद ने मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और वाराणसी के मठ-आश्रमों में बटुकों का यौन शोषण किया है। इसके सभी सबूत उनके पास मौजूद हैं। आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा-मेडिकल जांच में भी बटुकों के साथ कुकर्म की पुष्टि हो चुकी है और जल्द ही मामले में न्याय मिलेगा। उन्होंने यूपी के डिप्टी सीएम पर प्रयागराज माघ मेले के दौरान साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा- माघ मेला साजिश में यूपी के डिप्टी सीएम शामिल हैं। डिप्टी सीएम ने कहा था कि अभी धरना दो, जब हम आएं तब खत्म करना।” हालांकि आशुतोष ब्रह्मचारी ने किसी भी डिप्टी सीएम का नाम नहीं लिया। मठ के CEO और अरविंद की भूमिका जांच के घेरे में आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि बटुकों ने अपने बयानों में अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद के साथ दोनों मठों के CEO प्रकाश उपाध्याय और अरविंद का भी नाम लिया है। उन्होंने बताया कि अब प्रकाश उपाध्याय और अरविंद की भूमिका की जांच की जा रही है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रकाश उपाध्याय पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप भी लगाया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है। माघ मेला साजिश में यूपी के डिप्टी CM शामिल आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में सपा और कांग्रेस से जुड़े कई नेता आते-जाते थे। उन्होंने कहा कि कुछ नाम सामने आए हैं और यह भी जांच का विषय है कि कहीं वे बटुकों के साथ हुए कुकर्म में शामिल तो नहीं थे। उन्होंने यूपी के डिप्टी सीएम पर भी कई गंभीर आरोप लगाए। जब उनसे पूछा गया कि वे बृजेश पाठक या केशव प्रसाद मौर्य में से किसकी बात कर रहे हैं, तो उन्होंने नाम बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि “यूपी के डिप्टी सीएम शंकराचार्य से मिले थे और माघ मेला साजिश में शामिल थे। इसकी भी जांच चल रही है।” आशुतोष ब्रह्मचारी का यह भी दावा है कि डिप्टी सीएम ने कथित तौर पर कहा था- अभी धरना दो, जब हम आएं तब खत्म करना। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि डिप्टी सीएम ने अपने हाथों से पानी पिलाकर धरना समाप्त कराने को कहा था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। शंकराचार्य बोले- बच्चे हमारे पास आए ही नहीं, दुष्कर्म का सवाल ही नहीं शंकराचार्य ने कहा- जब बच्चे हमारे साथ थे ही नहीं तो दुष्कर्म कैसे हो सकता है? वह बच्चा हमारे पास आया ही नहीं, फिर यह कैसे संभव है। हमारे वकीलों ने सभी प्रमाण दे दिए हैं कि बच्चे हमारे पास नहीं, बल्कि उसी के पास थे। इसका मतलब है कि अगर बच्चों के साथ कुछ हुआ है तो जिसके पास बच्चे थे, वही जिम्मेदार होगा। शिकायतकर्ता खुद जांच के दायरे में आ जाएगा। उसे बताना पड़ेगा कि बच्चों का हमसे संपर्क कब और कहां हुआ। जब बच्चे हमारे पास आए ही नहीं तो हम पर कुकर्म का आरोप कैसे लगाया जा सकता है। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि आशुतोष महाराज के खिलाफ उन्होंने केस दर्ज कराया है। उन्होंने बताया- पॉक्सो एक्ट की धारा 22 में प्रावधान है कि अगर कोई झूठा मुकदमा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हम इस धारा में मुकदमा दर्ज करा चुके हैं और उस पर सुनवाई चल रही है। अपनी संभावित गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा- अब जो भी हो, क्योंकि अपराधी खुद ही मामले की जांच कर रहा है और आप लोग उसे रिकॉर्ड कर रहे हैं। आप लोग कितने मजबूर हैं। भारत का मीडिया इतना मजबूर हो गया है कि एक अपराधी से जांच की राय लेकर उसे रिपोर्ट कर रहा है। यह बिल्कुल विरला उदाहरण है। तस्वीरें दिखाकर भ्रम फैलाया जा रहा यह उत्तर प्रदेश शासन का एक्स-रे चेहरा है, जो तुम्हारे अंदर दिख रहा है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो तस्वीरें दिखाई हैं। एक तस्वीर में वह हमारे गुरुजी के साथ नीचे बैठा हुआ है और दूसरी में हम आसन पर बैठे हैं तथा वह हमें कोई कागज पकड़ा रहा है। अब वही कह रहा है कि हम अच्छे नहीं थे, तो फिर वह हम लोगों से संबंध क्यों रखता था? इन तस्वीरों के जरिए वह यह साबित करना चाहता है कि हम और हमारे गुरुजी उससे जुड़े हुए थे, जबकि ऐसा नहीं है। संभव है कि वह कृष्ण जन्मभूमि मामले को लेकर आया हो, इसलिए उसे हमसे मिलने का मौका दिया गया होगा। वह यह भी कह रहा है कि मेरे गुरुजी शंकराचार्य नहीं थे, तो ये कैसे हो सकते हैं। हमारा जवाब है-जब तुम खुद तस्वीर दिखा रहे हो कि तुम चरणों में बैठकर मिले थे, तो अगर हमारे गुरुजी शंकराचार्य नहीं थे, तो वहां क्या करने आए थे? इसका जवाब दो। जानिए पूरा मामला प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। ------------------ ये भी पढ़ें- मां ने 3 साल की बेटी की गर्दन काट दी: गोरखपुर में पिता बोले- वो कहती, मुझे नहीं, बेटी को प्यार करते हो गोरखपुर में मां ने 3 साल की मासूम बेटी की गर्दन कुल्हाड़ी से काट दी। कमरे में जिस जगह पर वार किया, वहां जमीन पर 4 इंच का गड्‌ढा हो गया है। दीवार पर बनी अलमारी में पूजा घर है, भगवान की तस्वीरों पर बच्ची के खून के छींटे दिख रहे थे। घर के कोने में बेटी अदिति के खिलौने देखकर मायूस हो रहे पिता त्रिवेणी खुद को कोस रहे थे। पढ़िए पूरी खबर…
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