Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    दूसरे नाम की डिग्री लगाकर 16 साल नौकरी:देवरिया में अब शिक्षिका पर FIR, 2014 में प्रमोशन भी हुआ, विभाग ने नियुक्ति निरस्त की

    1 hour ago

    1

    0

    देवरिया में फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल करने के आरोप में शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। मामला लार थाना क्षेत्र का है। सलेमपुर के खंड शिक्षा अधिकारी रामप्यारे राम की तहरीर पर पुलिस ने शनिवार रात धोखाधड़ी और कूटरचना की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोप बरडीहा दलपत निवासी गरिमा सिंह पत्नी अनिल कुमार सिंह पर है। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक, गरिमा सिंह ने 27 जुलाई 2010 को प्राथमिक विद्यालय बरसाथ, सलेमपुर में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति पाई थी। इसके बाद 22 दिसंबर 2014 को पदोन्नति के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय बरडीहा दलपत में कार्यभार ग्रहण किया। बस्ती की दूसरी गरिमा के प्रमाणपत्र लगाने का आरोप विभाग की जांच में सामने आया कि आरोपी शिक्षिका ने बस्ती जिले के संसारपुर निवासी वास्तविक गरिमा सिंह पुत्री भारत सिंह के शैक्षिक अभिलेखों का इस्तेमाल किया। तहरीर में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, बीएससी तृतीय वर्ष और बीएड के अंकपत्र व प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने का आरोप है। विभाग के अनुसार, जिन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल नौकरी के लिए किया गया, उनकी वास्तविक धारक गरिमा सिंह वर्तमान में अयोध्या जिले के मसौधा क्षेत्र स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय हांसापुर में कार्यरत हैं। अलग-अलग स्तर पर हुई जांच में दोनों के शैक्षिक रिकॉर्ड से जुड़े तथ्य सामने आने के बाद आरोपी शिक्षिका की नियुक्ति को फर्जी बताया गया। जांच में नियुक्ति फर्जी मिली, 2025 में ही नौकरी खत्म शैक्षिक प्रमाणपत्रों और नियुक्ति से जुड़े रिकॉर्ड की जांच विभिन्न संस्थाओं और अधिकारियों की ओर से की गई। जांच पूरी होने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया ने 6 अगस्त 2025 के आदेश से गरिमा सिंह की नियुक्ति प्रथम नियुक्ति तिथि यानी 27 जुलाई 2010 से ही निरस्त कर दी थी। बीएसए के आदेश में संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए थे। यानी विभागीय स्तर पर नौकरी खत्म होने के बाद अब इस मामले में आपराधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई है। 33 पन्नों की पत्रावली के साथ तहरीर, पुलिस ने शुरू की जांच निर्देश के बाद सलेमपुर के खंड शिक्षा अधिकारी रामप्यारे राम ने 22 अगस्त 2026 को लार थाने में तहरीर दी। इसके साथ मूल पत्रावली की 33 पन्नों की छायाप्रति भी पुलिस को सौंपी गई। पुलिस ने शनिवार रात केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस नियुक्ति के समय लगाए गए शैक्षिक प्रमाणपत्रों, विभागीय रिकॉर्ड और जांच में सामने आए दस्तावेजों की पड़ताल करेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कथित तौर पर दूसरे व्यक्ति के प्रमाणपत्र नौकरी हासिल करने के लिए किस तरह इस्तेमाल किए गए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    रेवाड़ी पुलिस ने अरेस्ट किया यूपी का पशु चोर:घर में बंधी चार भैंसें चुराई, गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश
    Next Article
    प्रतापगढ़ में फर्राटा पंखे में आया करंट, विवाहिता की मौत:घर की सफाई के दौरान दूसरी जगह रख रही थी पंखा; दो बेटों के सिर से उठा मां का साया

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment