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    यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन हट सकती हैं:10 दिन की छुट्‌टी पर गईं; ACS बोले- दमन दीव के दौरे पर हैं

    4 hours ago

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    उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अचानक छुट्‌टी पर चली गई हैं। वह सोमवार (17 अगस्त) से 26 अगस्त तक छुट्‌टी पर हैं। राज्यपाल अपने गृह राज्य गुजरात गई हैं। अवकाश के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुमति ली है। यूपी की राज्यपाल बनने के बाद से आनंदीबेन पटेल ने पहली बार इतनी लंबी छुट्‌टी ली है। अचानक ली गई इस छुट्‌टी के बाद सियासी और प्रशासनिक गलियारों में कई तरह की चर्चा चलने लगी है। कहा जा रहा है कि यूपी को जल्द ही नया राज्यपाल मिल सकता है। हालांकि, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव (ACS) सुधीर बोवड़े ने पदभार मुक्त करने या बदले जाने की अटकलों को खारिज किया है। उनका कहना है कि राज्यपाल सिलवासा और दमन दीव का भ्रमण पर है। इस दौरान उनकी वहां के राज्यपाल से मीटिंग है। बेटी चुनावी रणनीति में उतर रही वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार कहते हैं- राज्यपाल आनंदीबेन पटेल इसके पहले भी छुट्‌टी पर गई हैं। गुजरात में उनका पूरा परिवार रहता है। बेटी चुनावी राजनीति में उतर रही हैं। वह खुद लंबे समय से यूपी में रह रही हैं। उन्होंने 7 साल तक लगातार राज्यपाल रहकर रिकॉर्ड बना दिया है। इसीलिए जब तक उनकी जगह किसी की तैनाती नहीं हो जाती, तब तक इस पद पर बनी रहेंगी। यही वजह है कि जब भी वह अवकाश पर जाती हैं, तो चर्चा का विषय बन जाती हैं। अवकाश के बाद अगर वह नहीं आती हैं, तो माना जाएगा कि कोई राजनीतिक मामला है। ये चर्चा इस कारण और तूल पकड़ रही है, क्योंकि हाल के दिनों में उन्होंने राज्य सरकार को एक तरह से टिप्पणी करके आईना दिखाने का काम किया है। यही वजह है कि उनके अवकाश को लेकर इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। लंबी छुट्‌टी लेकर कार्यकाल बढ़ाने का दबाव बना रहीं राज्यपाल वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- राज्यपाल का कार्यकाल खत्म हो गया है। इसे औपचारिक रूप से बढ़ाया भी नहीं गया है। जाहिर सी बात है कि इस तरह लंबी छुट्‌टी को लेकर अटकलें लगाई ही जाती हैं। फिर यह भी हो सकता है कि वे अपना कार्यकाल बढ़ाने के लिए दबाव बना रही हों। देश में जहां कुछ राज्यों के राज्यपाल बदलने थे, वो हो चुका है। आनंदीबेन गुजरात से हैं। प्रधानमंत्री मोदी से उनकी निकटता रही है। उसी का फायदा उन्हें मिल रहा है। कार्यकाल नहीं बढ़ाए जाने से शायद उन्हें सम्मानित तरीके से खद पद पर बने रहने में संकोच हो रहा होगा। या फिर उन्हें खुद को हटाए जाने का अंदेशा हो गया होगा। इसी वजह से वह अवकाश पर चली गई होंगी। राज्यपाल के हाल के बयानों ने बढ़ाई चर्चा आनंदीबेन पटेल 29 जुलाई, 2019 से यूपी की राज्यपाल हैं। पिछले कुछ समय से राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी से लेकर सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर सख्त टिप्पणियां कीं। ये सरकार की मुश्किलें बढ़ाने वाली थी। गोरखपुर में उन्होंने हॉस्टल की खराब व्यवस्था और भोजन को लेकर कटाक्ष किया था। कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भी उन्होंने लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया था। व्यवस्थाओं की दोबारा समीक्षा करने की बात कही थी। 14 अगस्त को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्होंने विश्वविद्यालयों को लगातार अपग्रेड करने और छात्राओं से जुड़े कार्यक्रमों पर जोर दिया था। हवाई यात्रा से दूरी बना ली थी राज्यपाल की यात्राओं को लेकर भी पिछले कुछ समय से चर्चा रही है। कुछ कार्यक्रमों में उनके ट्रेन से यात्रा करने की खबरें सामने आईं। हालांकि, हर यात्रा में ऐसा नहीं हुआ। उदाहरण के तौर पर 5 अगस्त को गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए उनके राजकीय विमान से पहुंचने की आधिकारिक जानकारी सामने आई थी। राज्यपाल के स्वास्थ्य को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों से डॉक्टरों ने उन्हें हवाई यात्रा से बचने की सलाह दी थी। अब 27 अगस्त को वापसी की उम्मीद राज्यपाल के अवकाश के दौरान राजभवन का नियमित कामकाज निर्धारित संवैधानिक व्यवस्था के तहत चलता रहेगा। अब आनंदीबेन पटेल के 27 अगस्त से नियमित दायित्व संभालने की उम्मीद है। देश के 6 राज्यपालों के बदलने की अटकलें दरअसल, 6 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की अटकलें हैं। यूपी और गुजरात के राज्यपाल 7 साल से पद पर बने हैं। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के पास तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार है। मार्च- 2026 में यह जिम्मेदारी उन्हें दी गई थी। आनंदीबेन पटेल ने यूपी राज्यपाल के पद पर 29 जुलाई, 2019 से हैं। उनका 7 साल से ज्यादा का कार्यकाल हो चुका है। उनके बाद गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत हैं, जिन्होंने 22 जुलाई, 2019 को पद संभाला था। तीसरे नंबर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल हैं। कौन हैं आनंदीबेन पटेल? आनंदीबेन का जन्म गुजरात के मेहसाणा में 21 नवंबर, 1941 में हुआ था। 1987 में उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। गुजरात के उस वक्त के भाजपा के कद्दावर नेता केशुभाई पटेल उनको राजनीति में लाए थे। वह गुजरात में पहली बार 1998 में विधायक बनी थीं। इससे पहले 1994 में राज्यसभा की सदस्य निर्वाचित हुई थीं। गुजरात भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आनंदीबेन को राजनीति में बड़े नेता के रूप में स्थापित किया। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आनंदीबेन को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था। वह अगस्त 2016 तक इस पद पर रहीं। 2017 में उन्होंने गुजरात विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा। इसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश का राज्यपाल बना दिया गया। फिर वह यूपी की राज्यपाल बनीं। -------------------------------- यह खबर भी पढ़ें 'अखिलेश कभी यूपी के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे':केशव बोले- विधायकों के टिकट कटेंगे 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन में फेरबदल, विधायकों के टिकट कटने की अटकलों पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खुलकर बात की। यहां पढ़ें पूरी खबर
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