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    यूपी पुलिस-होमगार्ड भर्ती में ऊंचाई-सीने की दोबारा नाप होगी:हाईकोर्ट का आदेश- KGMU मेडिकल बोर्ड बनाएगा, 31 अक्टूबर को नपाई

    3 hours ago

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    यूपी सिपाही भर्ती- 2025 और होमगार्ड भर्ती- 2025 को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया। ऊंचाई (हाइट) और सीना कम बताकर जिन अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया था, उन्हें फिजिकल परीक्षा में दोबारा शामिल होने का मौका मिलेगा। हाईकोर्ट ने कहा, एक-दो साल में किसी व्यक्ति की ऊंचाई या सीने की माप में बदलाव की संभावना कम होती है। ऐसे में शुरुआती माप में गलती होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस मनीष कुमार निगम ने अनुज कुमार और 60 से अधिक अन्य याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दोबारा माप कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने चार कैटेगरी के अभ्यर्थियों की ऊंचाई या सीने की जांच के लिए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ के प्राचार्य को मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा- 31 अक्टूबर 2026: सभी संबंधित अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे KGMU में उपस्थित होना होगा। 4 नवंबर 2026: मेडिकल बोर्ड सीलबंद लिफाफे में अपनी जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष पेश करेगा। इसी दिन मामले की अगली सुनवाई भी होगी। सिपाही के 32,679 पदों पर भर्ती हुई थी। इसका रिजल्ट 14 अक्टूबर को आया था। जबकि 3 अक्टूबर को होमगार्ड के 41,424 पदों के लिए नतीजे जारी हुए थे। हाईकोर्ट ने यह आदेश शुक्रवार को दिया था, जो शनिवार को अपलोड हुआ। याचिकाओं को पांच कैटेगरी में बांटा गया अदालत में अधिवक्ता अनिरुद्ध पांडेय समेत अन्य वकीलों ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखा। मेडिकल विश्वविद्यालय की ओर से बालेश्वर चतुर्वेदी और राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने पैरवी की। कोर्ट में सरकार तथ्यों को नकार नहीं पाई कोर्ट ने कहा कि एक-दो साल में किसी व्यक्ति की ऊंचाई या सीने की माप में बदलाव की संभावना नहीं होती। ऐसे में पहली दो श्रेणियों के अभ्यर्थियों की नाप में गलती होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। तीसरी श्रेणी के मामले में भी राज्य सरकार इस तथ्य को नकार नहीं सकी कि दो बार की नाप में अंतर आया था। चौथी श्रेणी के बारे में कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता युवा अभ्यर्थी हैं और उन्हें भर्ती प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के सौरभ यादव मामले के फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें अभ्यर्थियों की नाप के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था। राज्य सरकार की दलीलें खारिज राज्य सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि नियमों के मुताबिक अपील के बाद की गई नाप ही अंतिम मानी जाती है। पिछली परीक्षाओं में दर्ज ऊंचाई को मौजूदा भर्ती में आधार नहीं बनाया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने इन दलीलों के बावजूद अभ्यर्थियों की दोबारा नाप के लिए स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। पुलिस भर्ती बोर्ड का अधिकारी भी नपाई में रहेगा कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं को 31 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे तक किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU), लखनऊ में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके लिए अलग से सूचना नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थियों को आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र, शारीरिक मानक परीक्षा (PST) का प्रवेश पत्र और कोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति साथ लानी होगी। तय तारीख पर अनुपस्थित रहने वालों को कोर्ट की ओर से कोई और छूट नहीं मिलेगी। यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का एक अधिकारी जरूरी रिकॉर्ड के साथ अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए मौजूद रहेगा। होमगार्ड अभ्यर्थियों के लिए महानिदेशक या कमांडेंट जनरल होमगार्ड को एक अधिकारी भेजने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल बोर्ड को अभ्यर्थियों की पहले दर्ज ऊंचाई या सीने की माप की जानकारी नहीं दी जाएगी, ताकि दोबारा जांच स्वतंत्र रूप से हो सके। वकील अपने याचिकाकर्ताओं को आदेश की जानकारी देंगे। वहीं, राज्य सरकार और मेडिकल यूनिवर्सिटी के वकीलों को एक सप्ताह के भीतर KGMU के प्राचार्य और भर्ती बोर्ड को आदेश से अवगत कराना होगा। निजी अस्पतालों के प्रमाणपत्र वालों को राहत नहीं कोर्ट ने निजी अस्पतालों या डॉक्टरों के प्रमाणपत्र के आधार पर दावा करने वाले अभ्यर्थियों को राहत नहीं दी और उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं। राज्य सरकार ने दलील दी कि इन प्रमाणपत्रों में न तो नाप लेने से पहले अभ्यर्थियों की पहचान की पुष्टि की गई और न ही यह स्पष्ट किया गया कि माप मौजूदा भर्ती में कम ऊंचाई के आधार पर बाहर किए जाने को चुनौती देने के लिए ली गई थी। अब दोनों भर्तियों को जानिए… 1- सिपाही भर्ती: OBC के 18,210 अभ्यर्थी पास 2- होमगार्ड भर्ती: 41424 अभ्यर्थी चयनित, 25.32 लाख आवेदन आए थे ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- यूपी में रिटायर्ड प्रमुख सचिव गिरफ्तार:पशुधन विभाग में भर्ती घोटाले पर एक्शन, 2014 में सपा सरकार में हुई थी भर्ती लखनऊ में रिटायर्ड IAS अधिकारी योगेश कुमार को आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार सुबह ईओडब्लयू ने उन्हें गोमती नगर स्थित घर से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 12 साले पुराने पशुधन विभाग भर्ती घोटाले में की गई है। पूरी खबर पढ़िए
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