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    100 बीघा जमीन जलमग्न होने पर स्थाई लोक अदालत सख्त:मैनपुरी में 3 सिंचाई अफसरों को नोटिस, 22 सितंबर तक जवाब-तलब

    5 hours ago

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    मैनपुरी के टिम्डौली और बरौली गांव में करीब 100 बीघा खेती की जमीन लंबे समय से पानी में डूबी हुई है। इस मामले पर स्थाई लोक अदालत ने संज्ञान लिया है। किसानों की शिकायत है कि उनकी जमीन में पानी भर गया है और पानी निकालने की व्यवस्था ठप है। अदालत ने सिंचाई विभाग के तीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होगी। यह शिकायत जिला एवं सत्र न्यायालय मैनपुरी के वकील और टिम्डौली निवासी देवेंद्र सिंह कटारिया ने दर्ज कराई है। इसमें अधिशासी अभियंता सिंचाई/नहर खंड मैनपुरी, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ और अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग नहर खंड एटा को विपक्षी बनाया गया है। स्थाई लोक अदालत के अध्यक्ष शाम कुमार ने शिकायत दर्ज करने के बाद तीनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। शिकायत के अनुसार, टिम्डौली और बरौली में करीब 100 बीघा खेती की जमीन है। इन खेतों की सिंचाई दन्नाहार की हजारा नहर से निकलने वाले नगरिया सीतापुर बम्बा से होती है। आरोप है कि नगरिया सीतापुर और भटानी गांव के कुछ किसानों ने बम्बा को अवैध तरीके से काटकर कुलाबे लगा दिए हैं। इसी वजह से अतिरिक्त पानी टिम्डौली और बरौली के खेतों में पहुंच रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि पानी भरने की स्थिति इतनी गंभीर है कि खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहता है। दिसंबर तक पानी भरा रहने के कारण इस जमीन पर धान, बाजरा और मक्का जैसी फसलें नहीं हो पा रही हैं। इससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। शिकायत में टिम्डौली से बरौली होते हुए नदी तक जाने वाले सरकारी नाले का मुद्दा भी उठाया गया है। यह नाला एटा ड्रेनेज खंड के अधीन आता है। आरोप है कि कई सालों से नाले की सफाई और गहरीकरण नहीं किया गया है। इस वजह से खेतों से पानी की निकासी बंद है और बारिश या बम्बा का अतिरिक्त पानी खेतों में जमा हो जाता है। परिवाद में नाले की तत्काल सफाई और गहरीकरण कराकर जल निकासी बहाल कराने की मांग की गई है। साथ ही हजारा नहर-बम्बा पर लगे बताए जा रहे अवैध कुलाबों को हटाकर भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। इसके अलावा जलभराव के कारण हर साल बर्बाद होने वाली फसल के लिए प्रभावित किसानों को सिंचाई विभाग से मुआवजा दिलाने की मांग भी अदालत के सामने रखी गई है। मामले की पैरवी अधिवक्ता आकांक्षा दुबे कर रही हैं। अब 22 सितंबर को सिंचाई विभाग के तीनों अधिकारियों के जवाब के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
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