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    मऊ में खतरे के निशान से 60 सेमी ऊपर सरयू:24 घंटे में 5 सेमी बढ़ा जलस्तर, दोहरीघाट के मल्लाह टोला में 50 मीटर तक घुसा पानी

    5 hours ago

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    मऊ में सरयू नदी (घाघरा) का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में नदी का जलस्तर 5 सेमी बढ़कर 70.50 मीटर पर पहुंच गया है। यह खतरे के निशान 69.90 मीटर से 60 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से दोहरीघाट और मधुबन तहसील के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने बंधों की निगरानी बढ़ा दी है। दोहरीघाट नगर के निचले हिस्से मल्लाह टोला में नाले के रास्ते बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घुसने लगा है। अब तक करीब 50 मीटर तक पानी पहुंच चुका है। इससे नगरवासियों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ सकता है। देवारा में संपर्क मार्गों पर चढ़ा पानी मधुबन तहसील के दुबारी क्षेत्र के देवारा में भी बाढ़ का पानी संपर्क मार्गों पर पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। हालांकि अभी पानी गांवों के अंदर नहीं पहुंचा है और सिवान तक ही सीमित है। सरयू के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका को लेकर डर बना हुआ है। मंदिर और मुक्तिधाम पर बढ़ा नदी का दबाव दोहरीघाट के गौरीशंकर घाट पर मंगलवार को सरयू का जलस्तर 70.45 मीटर था, जो बुधवार को बढ़कर 70.50 मीटर हो गया। जलस्तर बढ़ने के साथ भारत माता मंदिर, शवदाह स्थल, सरस्वती मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, जानकी घाट, दुर्गा मंदिर और डीह बाबा मंदिर पर नदी का दबाव बढ़ गया है। नदी की धारा सीधे मुक्तिधाम से टकरा रही है। इससे सिंचाई विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। करोड़ों रुपए की लागत से शवदाह स्थल के दक्षिण तरफ नदी की धारा मोड़ने के लिए परकूपाइन और ठोकर का निर्माण कराया गया था, लेकिन मौजूदा हालात में इसका अपेक्षित फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है। फसलें डूबीं, किसानों के सामने चारे का संकट बंधों के नीचे खेतों में पानी भरने से फसलें डूब गई हैं। इससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। एक ओर फसल बर्बाद होने का खतरा है, वहीं दूसरी ओर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है। औराडाड-चिऊटीडाड़ क्षेत्र में नदी बंधों के पास से होकर बहने लगी है। बीबीपुर रिंग बंधे पर भी नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। सिंचाई विभाग और बाढ़ खंड अलर्ट बंधों पर बढ़ते नदी के दबाव को देखते हुए सिंचाई विभाग मऊ और बाढ़ खंड आजमगढ़ की टीमें मुस्तैद हैं। बंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों की नजर नदी के जलस्तर और संवेदनशील स्थानों पर बनी हुई है। जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी रहने पर निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रशासन और विभागीय टीमें बंधों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं।
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