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    अखिलेश यादव बोले- मंत्री गए, लेकिन सरकार बच गई:बदायूं में कहा- 2017 के बाद सबसे ज्यादा गांजा लखनऊ में पकड़ा गया

    15 hours ago

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    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को बदायूं में भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता, दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन और 2027 के विधानसभा चुनाव तक कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। अखिलेश पूर्व मंत्री स्वर्गीय ओमकार सिंह यादव की श्रद्धांजलि सभा और तेरहवीं में शामिल होने पहुंचे थे। वह तय समय से करीब एक घंटा 45 मिनट की देरी से दोपहर 3:45 बजे पहुंचे। श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने एक के बाद एक कई राजनीतिक बयान दिए। सबसे पहले कानून-व्यवस्था पर हमला बोलते हुए अखिलेश ने कहा, "2017 से पहले सबसे ज्यादा गांजा गोरखपुर में पकड़ा जाता था, लेकिन 2017 के बाद सबसे ज्यादा गांजा लखनऊ में पकड़ा जा रहा है। यह मजाक नहीं है, आंकड़े इसके गवाह हैं।" गांजा लखनऊ क्यों पहुंच रहा है, इस सवाल पर वह मुस्कराकर आगे बढ़ गए। इसके बाद उन्होंने प्रदेश की सड़कों और एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा, "मुख्यमंत्री कानपुर में सड़क पर चले तो सड़क धंस गई। प्रधानमंत्री बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर चले तो वह बह गया। गंगा एक्सप्रेसवे पर जानवर आ जाते हैं। हम जब सड़क बनवाते थे तो उसी सड़क पर खुद भी चलते थे।" दिल्ली में हुए छात्र-युवा आंदोलन का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि पूरे देश का युवा और छात्र सड़क पर उतर आया। आंदोलन इतना बड़ा हुआ कि "भले प्रधानमंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया, लेकिन मंत्री प्रधान को इस्तीफा देना पड़ गया।" उन्होंने कहा, "झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए... यह आज देखने को मिल गया। प्रधानमंत्री के मन की बात सबने सुनी, लेकिन गृहमंत्री के मन की बात किसी ने नहीं सुनी। अच्छी बात यह है कि बीजेपी के सांसदों की मन की बात मंत्री प्रधान ने सुन ली और इस्तीफा दे दिया। फिलहाल मंत्री गए हैं, लेकिन सरकार बच गई।" जंतर-मंतर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने पेलेट गन की गोलियां, आंसू गैस के गोले और लाठियां झेली हैं, उन्हें पता है कि कार्रवाई किसके इशारे पर हुई। वहीं लाठी चलाने वालों को भी नहीं मालूम कि आदेश किसका था। उन्होंने अधिकारियों को भी नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा किसी की सगी नहीं है, अपना नुकसान होते ही जिम्मेदारी अधिकारियों पर डाल देती है। भदोही का नाम संत रविदास के नाम पर किए जाने को लेकर अखिलेश ने कहा कि इससे लोग संत रविदास को पढ़ेंगे और उनके विचार जानेंगे, लेकिन भाजपा उनके बताए रास्ते पर नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति करती है, विचारों को नहीं अपनाती। कन्नौज का नाम बदलने का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों पर चलने की बजाय भाजपा केवल नकारात्मक राजनीति करती है। साल 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए सपा प्रमुख ने दावा किया कि अगली सरकार समाजवादी पार्टी की बनेगी। उन्होंने कहा कि बदायूं और संभल क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन का बड़ा कारखाना लगाया जाएगा। एक्सप्रेसवे के किनारे कृषि मंडियां विकसित की जाएंगी, जिससे किसानों को बेहतर दाम और युवाओं को रोजगार मिलेगा। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा आगामी चुनाव को हिंदू-मुस्लिम और नफरत की राजनीति पर लड़ना चाहती है, जबकि समाजवादी पार्टी पीडीए और जनता के मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी। इस दौरान सांसद आदित्य यादव, एटा सांसद देवेश शाक्य, जिलाध्यक्ष आशीष यादव, विधायक हिमांशु यादव, फखरे अहमद शोबी, हाजी रईस अहमद, रामखिलाड़ी यादव समेत बड़ी संख्या में सपा नेता मौजूद रहे।
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