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    इंस्पेक्टर अरुण मौत मामले सिपाही मीनाक्षी की जमानत याचिका खारिज:जज ने कहा- यह गंभीर प्रकृति का अपराध है, जमानत का पर्याप्त आधार नहीं

    20 hours ago

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    इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय की हत्या के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध सिपाही मीनाक्षी शर्मा को जिला एवं सत्र न्यायालय से राहत नहीं मिली। जिला एवं सत्र न्यायालय के जिला जज विरजेंद्र कुमार सिंह ने सुनवाई के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी। अपने आदेश में न्यायाधीश ने उल्लेख किया कि मामला गंभीर प्रकृति का है और जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं बनता। अदालत ने कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त को इस चरण पर जमानत नहीं दी जा सकती। इसके साथ ही सिपाही मीनाक्षी शर्मा की जमानत अर्जी निरस्त कर दी गई। सुनवाई के दौरान सिपाही मीनाक्षी शर्मा की ओर से अधिवक्ता राजेश चतुर्वेदी ने पैरवी करते हुए अदालत में दलील दी कि मीनाक्षी 7 दिसंबर 2025 से जिला कारागार उरई में निरुद्ध हैं। उसे बेवजह हत्या के मामले में फंसाया गया है। उसने किसी प्रकार का अपराध नहीं किया। उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर तथ्यों पर आधारित नहीं है। उसे न्यायालय से जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल निरंजन ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि घटना के समय मीनाक्षी शर्मा कोंच कोतवाली क्षेत्र में डायल-112 में तैनात थी और घटना से पहले वह तीन दिन की छुट्टी पर गई थी, जिसके बाद उसके लापता होने की पुष्टि जीडी में दर्ज है। अभियोजन पक्ष ने कहा कि घटना वाले दिन वह इंस्पेक्टर अरुण राय के कमरे में गई थी और उसी दौरान यह वारदात हुई। शासकीय अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि इंस्पेक्टर के सिर में गोली लगने के साथ एक अन्य चोट का निशान भी मिला, जो घटना को और पुख्ता बनाता है। अभियोजन के अनुसार मीनाक्षी के कमरे में मौजूद रहने और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर उसी पर वारदात को अंजाम देने का संदेह है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
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