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    मगरमच्छ छोटा था, इसलिए खा नहीं पाया:गोंडा में सास के चिता सजाते समय नदी में खींचा था, सिर-हाथ और कान पर दांत के निशान

    15 hours ago

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    गोंडा में सास की चिता सजाते समय दामाद को मगरमच्छ खींच ले गया था। 24 घंटे बाद घटनास्थल से 8 किलोमीटर दूर सरयू नदी में शव उतराता मिला। रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला। मगरमच्छ छोटा था, इसलिए वह शव को खा नहीं पाया। शव के सिर पर मगरमच्छ के दांत के निशान हैं। दाएं हाथ पर खुरेचने का जख्म हैं। इधर, शव मिलने पर पत्नी बेसुध हो गई। परिवार ने किसी तरह से ढांढ़स बंधाया। वह बात करते-करते रोने लग रही थी। दादा ससुर ने कहा कि कौन जान देने के लिए नदी में कूदता। दामाद ही सबकुछ थे, अब वो भी इस दुनिया में नहीं हैं। देखिए 2 तस्वीरें… नोएडा के परी चौका सिग्मा 2 निवासी दीपक वर्मा (30) ने 5 साल पहले गोंडा के डीहा गांव निवासी रेखा शर्मा से लव मैरिज की थी। दीपक एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता थे। दोनों की एक बेटी निक्की (4) है। रेखा के दो और बहनें और एक भाई राज है। रेखा के पिता लालचंद्र शर्मा की मौत हो चुकी है। मां उर्मिला (50) की मंगलवार को उनकी कैंसर के चलते मौत हो गई। दीपक पत्नी रेखा और बेटी निक्की (4) के साथ सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। बुधवार को सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू नदी के किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। दोपहर करीब 12 बजे नदी के किनारे सभी लोग पहुंचे। दीपक ने चिता सजाने के लिए नदी के किनारे ही खूंटा गाड़ना शुरू किया। हाथ धुलने के लिए नदी के किनारे पहुंचा स्थानीय लोगों ने दीपक को पहले ही चेताया था कि नदी में मगरमच्छ है, सावधान रहना। वह खूंटा गाड़ रहा था। इसके बाद वह हाथ धुलने के लिए नदी के किनारे पहुंचा। दीपक हाथ धुल रहा था, इस बीच मगरमच्छ नदी से बाहर आया। उसने दीपक का सिर अपने जबड़े में भर लिया। ये देखकर लोग दीपक की ओर दौड़े और शोर मचाया, लेकिन तब तक मगरमच्छ उसे पानी में खींच ले गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जैसे ही मगरमच्छ ने उसे खींचा। मैंने पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह लेकर चला गया। मैंने प्रयास किया तो मैं भी पानी में गिर गया। दूसरे प्रत्यक्षदर्शी अमन ने बताया कि दीपक वहीं खड़े होकर गड्ढे की खुदाई कर रहे थे। उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी कि वहां मगरमच्छ रहता है। उस तरफ न जाएं। इसके बावजूद वह हाथ धोने के लिए पानी के पास चले गए। जैसे ही वह हाथ धोने के लिए नीचे झुके, मगरमच्छ ने उनका सिर जबड़े में भरा और अंदर खींच ले गया। दामाद की तलाश चलती रही, इधर सास का अंतिम संस्कार हुआ दीपक की तलाश में एसडीआरएफ की टीम सरयू नदी में उतर गई। दो घंटे तक लोग इंतजार करते रहे, जब दीपक नहीं मिले तो उनके साले राज (9) ने उर्मिला का अंतिम संस्कार किया। इसके बाद वह अपने दादा बाबूलाल के साथ घाट पर बैठकर अपने जीजा के आने का इंतजार करता रहा। 24 घंटे बाद शव मिला बुधवार को एसडीआरएफ की टीमें नदी में तलाश की, लेकिन दीपक और मगरमच्छ का पता नहीं चल सका। रात को रेस्क्यू बंद कर दिया गया। गुरुवार सुबह 8 बजे से फिर रेस्क्यू शुरू किया गया। सुबह से ही घाट पर दीपक के दादा ससुर बाबूलाल शर्मा (70) और परिवार के दूसरे सदस्य पहुंच गए थे। चार घंटे बाद दोपहर 12:20 बजे घटनास्थल से लगभग 8 किलोमीटर दूर ऐली माझा गांव के पास एक हाईटेंशन लाइन टावर के पास नदी में दीपक का शव उतराता हुआ मिला। वहां अंतिम संस्कार करने गए लोगों ने शव को देखा। वे शव को खींचकर किनारे लाए और गांव प्रधान को सूचना दी। उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस ने दीपक के शव का पंचनामा कर परिजन की मौजूदगी में पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया है। मगरमच्छ ने खाने की कोशिश की थी दीपक वर्मा के दाहिने हाथ के कुछ हिस्से को काट करके मगरमच्छ ने खाने का प्रयास किया है। कंधे पर भी काट करके खाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसे भी नहीं खा पाया है। दाहिने कान के पास भी मगरमच्छ ने काट करके खाने का प्रयास किया है। प्रत्यक्षदर्शी बोले– मगरमच्छ ने सिर पकड़ा था स्थानीय श्रवण कुमार ने बताया कि कल इसी समय की बात है कल मगरमच्छ इनको खींचकर के ले गया था और दो-तीन बार दिखाई दिया। सबको दिखाई दिया कि मगरमच्छ ने सिर पकड़ रखा था। नाव से टक्कर मारी गई तो छोड़ दिया फिर दोबारा पकड़ लिया था। यहां पर लाश उताराती हुई दिखाई दी तो गांव के लोगों ने फोन करके हम लोगों को सूचना दी है। एसडीआरएफ की टीम भी खोजने के लिए आई थी, वह दूसरी जगह पर खोज रहे थे, लेकिन लाश दूसरी जगह पर मिली है। दीपक के बॉडी सबसे पहले देखने वाले प्रत्यदर्शी ने बताया कि मैंने देखा की नदी में एक लाश बहती हुई आ रही थी। मैं भी लाश को लेकर के यहां पर अंतिम संस्कार के लिए आया हुआ था। हम 50 लोग हम यहां पर थे। इसके बाद हम तीन लोग नाव पर बैठकर के गए और उसको पकड़ कर के यहां पर लाए हैं। इसके बाद हमने सेमरी प्रधान के पास फोन करके सूचना दी। अफसर बोले–मगरमच्छ छोटा था, इसलिए खा नहीं पाया जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि 24 घंटे बाद दीपक की बॉडी मिल गई है। मौके पर उमरी बेगमगंज थाने की पुलिस द्वारा पहुंच करके पंचनामा की कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मृतक दीपक की पत्नी रेखा को 4 लाख की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाएगी। संभवत मगरमच्छ छोटा था, इसीलिए वह अपना निवाला नहीं बन पाया, लेकिन मगरमच्छ ही लेकर के गया था, इसकी पुष्टि हुई है । दीपक के साथ आए लोग साथ मगमरच्छ को ले जाते देखा था। डॉक्टर के चले जाने की वजह से कल पोस्टमॉर्टम होगा। लखनऊ से टीम भी बुलाई गई थी गोंडा एसपी विनीत जायसवाल और डीएम प्रियंका निरंजन ने बताया कि रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए आज लखनऊ से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया था। उनके द्वारा भी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि यहां से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर बॉडी मिली है। तत्काल पहुंचे करके शव को कब्जे में लेकर पंचायत नामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों को आर्थिक मदद जो भी होगी शासन के नियमानुसार उपलब्ध कराई जाएगी। ---------------------------- बलिया में एक ही व्यक्ति चपरासी भी और शिक्षामित्र भी:रोक के बावजूद शिक्षा विभाग में 179 फर्जी कर्मियों का वेतन जारी रामेश्वर सिंह बलिया में भीमपुरा कस्बे के रामकरण इंटर कॉलेज में चपरासी हैं। नियुक्ति 1 जुलाई, 2005 को हुई थी। हैरत की बात ये है कि रामेश्वर कस्बे के कंपोजिट स्कूल में 23 अगस्त, 2015 से शिक्षामित्र के रूप में भी तैनात हैं। दोनों पदों का वेतन और मानदेय ले रहे हैं। इसी तरह उनका सगा भतीजा शिवमंगल सिंह भी उसी कॉलेज में चपरासी है। साथ ही कस्बे के एक सरकारी स्कूल में शिक्षामित्र भी है। शिवमंगल की पत्नी विभा सिंह भी उसी कॉलेज में चपरासी है। पढ़ें पूरी खबर…
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