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    महराजगंज की ग्राम पंचायत में 7.15 लाख का मनरेगा घोटाला:प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज, सचिव निलंबित; दोहरे भुगतान की पुष्टि

    1 hour ago

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    महराजगंज के निचलौल ब्लॉक की भेड़िया ग्राम पंचायत में 7,15,371 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। मनरेगा पार्क के समतलीकरण और पंचायत भवन में मिट्टी/सिल्ट भराई के नाम पर यह घोटाला हुआ। प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है, जिसे दैनिक भास्कर की लगातार प्रकाशित खबरों का परिणाम माना जा रहा है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के आदेश पर संयुक्त जांच कराई गई। इसमें मनरेगा और राज्यवित्त, दोनों मदों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। अनियमितता और दोहरे भुगतान की शिकायत के बाद डीएम ने उपायुक्त मनरेगा गौरवेंद्र सिंह और सहायक अभियंता (सिंचाई) मन्नू चौधरी को जांच का जिम्मा सौंपा था। जांच में सामने आया कि मनरेगा मद में मिट्टी भराई और समतलीकरण के लिए 1,34,272 रुपये का भुगतान बिना टेंडर प्रक्रिया के सीधे ट्रैक्टर-ट्राली मालिक के निजी खाते में कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, साइन बोर्ड न लगाने और कार्य से अधिक भुगतान के कारण 1,37,164 रुपये की अनियमितता भी मिली। इस तरह मनरेगा मद में कुल 2,71,436 रुपये की गड़बड़ी पाई गई। राज्यवित्त मद में पंचायत भवन निर्माण के लिए मिट्टी/सिल्ट भराई के कार्य में भी टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। तीन अलग-अलग ट्रैक्टर-ट्राली मालिकों को सीधे भुगतान किया गया। दो कार्यों में क्रमशः 2,38,054 रुपये और 2,05,881 रुपये की अनियमितता मिली। राज्यवित्त मद में कुल 4,43,935 रुपये के दुरुपयोग की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ अनुमानित कार्यों के तहत बिना काम कराए भुगतान किया गया और संशोधित अनुमान की स्वीकृति भी नहीं ली गई थी। इस कार्रवाई के तहत ग्राम प्रधान अखिलेश प्रकाश यादव के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। ग्राम विकास अधिकारी राजीव रामचंद्रन को निलंबित कर दिया गया है। प्रधान को 95-जी की नोटिस जारी की गई है, जबकि पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार, मनरेगा पार्क का निर्माण खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) की सीधी निगरानी में हो रहा था, जिससे निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह भी उल्लेखनीय है कि दैनिक भास्कर में लगातार प्रकाशित खबरों के बाद ही प्रशासन ने जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज की है।
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