Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    मऊ में 70 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रुका:AI अवेयरनेस प्रोग्राम का कोर्स अधूरा रहने पर हुई कार्रवाई

    1 hour ago

    1

    0

    मऊ जिले के माध्यमिक विद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अवेयरनेस प्रोग्राम का कोर्स अधूरा रहने पर शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। छात्रों की धीमी रफ्तार और कोर्स पूरा न होने से शासन स्तर पर नाराजगी थी। इसी वजह से जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने 70 सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। डीआईओएस ने इन सभी स्कूलों को तीन कार्यदिवस में कोर्स पूरा करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर आगे और कार्रवाई होगी। शनिवार को डीआईओएस ने गूगल मीट के जरिए एक ऑनलाइन बैठक की थी। इसमें तीन सरकारी स्कूलों और 46 सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्य नहीं आए। इस पर डीआईओएस ने नाराजगी जताते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस दिया है। जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा अभियान चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि यह 20 घंटे का बेसिक एआई कोर्स 15 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ था। इसे टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) फाउंडेशन और महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के साथ मिलकर महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमपीआईटी) गोरखपुर चला रहा है। यह कोर्स कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए है। इसका उद्देश्य युवाओं को टेक्निकल तौर पर काबिल बनाना है। कोर्स पूरा करने पर छात्रों को सर्टिफिकेट के साथ दो क्रेडिट पॉइंट भी मिलेंगे। इसके लिए छात्रों का रजिस्ट्रेशन संबंधित स्कूल को कराना है, जिसमें मऊ जिला बहुत पीछे है। बैठक में राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज अइलख, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मुजार बुजुर्ग और राजकीय उमा नदवल के प्रधानाचार्य नहीं आए। इनके अलावा 46 सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाचार्य भी अनुपस्थित रहे। डीआईओएस ने इन सभी को कारण बताओ नोटिस दिया है। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक गौतम प्रसाद ने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। स्कूल में खास टीमें बनाकर प्रधानाचार्यों को रोज छात्रों से संपर्क करने को कहा गया है ताकि किसी भी तरह एक हफ्ते के भीतर पूरा कोर्स खत्म कराया जा सके। जिले के छात्रों के लिए यह मौका है कि वे अपनी रैंकिंग सुधारें और इस डिजिटल अवसर का पूरा फायदा उठाएं।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पीएम मोदी के जन्मदिन पर शुरू होगा 'सेवा संकल्प अभियान':हर गांव में जलेंगे आशीर्वाद के दिए, 10 बड़े मंदिरों में भी दीप जलाए जाएंगे
    Next Article
    पूर्व भाजपा चेयरमैन पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई से हंगामा:बुलंदशहर में 2 सिपाही सस्पेंड; लोधी समाज ने दी महापंचायत की चेतावनी

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment