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    देवरिया BSA ऑफिस से निकलते दिखे टीचर,CCTV:अब पुलिस बैंक स्टेटमेंट खंगालेगी, दोनों आरोपी फरार

    7 hours ago

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    गोरखपुर में शिक्षक सुसाइड केस में गुलरिहा पुलिस ने अपने स्तर से जांच तेज कर दी है। बुधवार को देवरिया पहुंची टीम ने BSA ऑफिस का CCTV फुटेज चेक किया। जिसमें देखा गया कि 20 फरवरी को शिक्षक कृष्ण मोहन अन्य दो शिक्षकों के साथ ऑफिस पहुंचे। कुछ देर बार दोनों शिक्षक बाहर आ गए। जबकि कृष्ण मोहन लगभग 5 मिनट बाद ऑफिस से बाहर निकले। जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उतने देर में आरोपी बीएसए और बाबू ने शिक्षक को धमकाया होगा। वहीं पैसों की लेन-देन का पता लगाने के लिए दोनों आरोपियों के बैंक अकाउंट की ट्रांस्जैक्शन हिस्ट्री चेक किया जाएगा। इसके अलावा उनके कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल ट्रांजेक्शन को भी खंगाली जाएगी। पुलिस ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव की पर्सनल मोबाईल और COG नंबर को अपने कब्जे में ले लिया है। फिलहाल दोनों आरोपी फरार हैं। पुलिस उनको ढूंढने के लिए दबिश दे रही है। विस्तार से जानिए बुधवार को क्या हुआ गोरखनाथ सीओ रवि सिंह के अनुसार बुधवार को गुलरिहा थाने में तैनात एसआई आदर्श पांडेय के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय टीम देवरिया ​स्थित बीएसए ऑफिस पहुंची। जहां उन्होंने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को पहले से ही गायब पाया। 5 मिनट बाद केबिन से बाहर आया शिक्षक टीम ने सबसे पहले ऑफिस की CCTV फुटेज चेक किया। जिसमें देखा गया कि 20 फरवरी को कृष्ण मोहन अन्य दो शिक्षक अपर्णा और ओंकार के साथ केबिन के अंदर जाते हैं। कुछ देर बार अपर्णा और ओंकार बाहर आ जाते हैं। जबकि कृष्ण मोहन लगभग 5 मिनट बाद केबिन से मायूस होकर बाहर निकलते हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि इतने देर में ही BSA और बाबू ने उन्हें फर्जी मुकदमें में फंसाने के लिए धमकाया होगा। जिससे वे डिप्रेशन में चले गए और सुसाइड जैसा गंभीर कदम उठाए। दोनों आरोपियों के साथ कुछ अन्य कर्मचारी भी ऑफिस से गायब मिलें। हालांकि पुलिस ने वहां मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं अन्य दो शिक्षकों ओंकार और अपर्णा का बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया है। कॉल डिटेल खंगाल रही टीम एसओ गुलरिहा इत्यानंद के अनुसार मृतक ​शिक्षक ने दो किश्त में बाबू के जरिए बीएसए को 16 लाख रुपये पहुंचाए थे। जिसका जिक्र उन्होंने चार पन्नों वाली सुसाइड नोट में किया था। ऐसे में बीएसए का बैंक स्टेटमेंट, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल ट्रांजैक्शन भी जांच के दायरे में हैं। पुलिस की एक टीम उनके खाते खंगालने में जुटी है। इसके साथ ही पुलिस ने बीएसए और बा​बू का सीओजी और पर्सनल मोबाइल को भी कब्जे में लिया था। पुलिस दोनों मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। जिससे कि यह पता चल सके कि मृतक कबसे उनके संपर्क में था। पुलिस ने दावा किया है कि टीम सक्रिय रूप से उनकी तलाश कर रही है। इस मामले में किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। बीएसए और अन्य कर्मचारियों के ठिकाने का पता लगाया जा रहा है। इसके साथ ही उनकी बैंक ट्रांजेक्शन और काॅल डिटेल भी खंगाला जा रहा है। सभी आवश्यक फुटेज, दस्तावेज और डिजिटल डिटेल खंगाली जा रही हैं। जानिए क्यों मांगे गए थे रुपए जानकारी के मुताबिक कृष्ण मोहन सिंह की नियुक्ति 2016 में सहायक अध्यापक के पद पर हुई थी। 2023 में गलत तरीके से उनकी और दो अन्य सहायक अध्यापक ओंकार सिंह और अपर्णा तिवारी की नियुक्ति रद्द कर दी गई थी। मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा। फरवरी 2025 में हाई कोर्ट ने तीनों लोगों की नियुक्ति बहाल करने का आदेश दिया। आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह ने नियुक्ति कराने के लिए सभी से 16 लाख रुपए मांगे। तीनों शिक्षकों ने कुल 48 लाख रुपए दे भी दिए। उसके बाद 4 लाख रुपए और मांगे गए। पैसे वापस मांगने पर भड़के अफसर मृतक के बड़े भाई अवधेश सिंह ने बताया- मेरे भाई ने 4 लाख देने से इंकार कर दिया और कहा कि आप लोग मेरे 16 लाख रुपए भी लौटा दीजिए। मैं दुबारा कोर्ट में अप्लाई करूंगा। यह सुनते ही अधिकारियों ने बाकी लोगों को भेज दिया और मेरे भाई को अकेले कमरे में रुकने को कहा। उसके बाद उन्होंने उसे खूब जलील किया और कहा कि क्या लगता ऑफिस में दिया गया पैसा वापस होगा। तुम्हारे ऊपर इतने मुकदमें लाद दिए जाएंगे कि पूरी जिंदगी जेल में रहोगे। मेरा भाई बिना कुछ कहे घर वापस लौट आया। जब मैंने उससे फोन पर बात की सारी बात बताया। मैंने उसे समझाया भी कोई बात नौकरी छोड़ दो परेशान मत रहो। लेकिन अपनी बेज्जती वह सहन नहीं कर पाया और अपनी जान दे दी। जानिए अब तक क्या कार्रवाई हुई… फोरेंसिक जांच के लिए लैब गया हैंडराइटिंग सैंपल इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सुसाइड नोट की वास्तविकता का पता लगाने के लिए हैंडराइटिंग की फोरेंसिक जांच की जाएगी। जिसके लिए टीम ने कृष्ण मोहन की हैंड राइटिंग का सैंपल ले लिया है। सैंपल को फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। जल्द ही जांच रिपोर्ट सामने आएगी। आरोपी बाबू परिवार के साथ फरार इस मामले में आरोपी बाबू संजीव सिंह अपने परिवार के साथ फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है। हालांकि देवरिया की डीएम के आदेश पर उसे सस्पेंड कर दिया गया। जबकि शालिनी श्रीवास्तव के सस्पेंशन पर तलवार अटकी है। जांच के कमिटी गठित जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। साथ ही जॉइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा और डीआईओएस शिव नारायण सिंह शामिल किया गया है। जांच कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। CBI जांच की मांग की वहीं जानकारी मिली है कि मृतक शिक्षक ने चार पन्नों की सुसाइड नोट में इस मामले को लेकर CBI जांच की मांग की है। उसने यह भी बात लिखी है कि दो किश्तों में 16 लाख रुपए दिए थे। पहली किश्त का एक्सीडेंट होने की वजह से 7 लाख रुपए भाई से भिजवाया था। जबकि दूसरी बार 9 लाख खुद देकर आएं। कोर्ट के आदेश का पालन कर नौकरी बहाल करने के लिए पहले उन लोगों ने तीनों से 20- 20 लाख रुपए मांगे थे। फिर 16 लाख पर बात तय हुई। बाद में 4-4 लाख और की मांग करने की बात कही है। लखनऊ से देवरिया पहुंची टीम जांच के लिए गठित टीम सोमवार को लखनऊ से देवरिया पहुंच कर अपना काम शुरू कर दी है। एक हफ्ते के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी। जिसके बाद दोषियों पर उचित कारवाई होगी।
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