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    वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप, 63.72 मीटर पहुंचा जलस्तर:सभी घाटों का संपर्क टूटा, आरती स्थल बदला, तापमान 31°C

    5 hours ago

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    काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। रविवार को गंगा का जलस्तर 63.72 मीटर दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में जलस्तर में करीब 46 सेंटीमीटर यानी लगभग तीन फीट की बढ़ोतरी हुई है। शनिवार रात गंगा करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थी। हालांकि केंद्रीय जल आयोग ने रविवार से जलस्तर बढ़ने की गति में कमी आने का अनुमान जताया है। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने वाराणसी के घाटों की तस्वीर बदल दी है। कई घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। दशाश्वमेध, मीरघाट, ललिताघाट समेत कई प्रमुख घाटों का निचला हिस्सा पानी में डूब गया है। घाटों पर होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों और अंतिम संस्कार के लिए भी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती का स्थान बदला गंगा के बढ़ते पानी का असर काशी की विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती पर भी पड़ा है। दशाश्वमेध घाट पर शनिवार को आरती का स्थान करीब 15 फीट पीछे करना पड़ा। पानी लगातार बढ़ने के कारण मूल आरती स्थल जलमग्न हो गया है। अब ऊंचाई वाले स्थान पर आरती कराई जा रही है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा किनारे पहुंचे और पानी में खड़े होकर आरती के दर्शन किए। प्रशासन और पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं को घाट के निचले हिस्सों में नहीं जाने की लगातार हिदायत दी जा रही है। नाविकों को चेतावनी, बिना लाइफ जैकेट नौकायन पर रोक गंगा में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने नाविकों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी निर्देश जारी किए हैं। नाविकों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि बिना लाइफ जैकेट किसी भी पर्यटक को नाव पर न बैठाया जाए। प्रशासन ने नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक पर्यटकों को बैठाने पर भी सख्ती की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने नाविकों से कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न की जाए। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार में बढ़ी मुश्किल गंगा का पानी अब अंतिम संस्कार स्थलों तक पहुंच गया है। मणिकर्णिका घाट के निचले शवदाह स्थल तक बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद शनिवार देर शाम शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी घाट की छत पर करनी पड़ी। इसी तरह हरिश्चंद्र घाट के निचले शवदाह स्थल तक भी पानी पहुंच गया है। इससे शवयात्रियों और अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आने वाले समय में इन घाटों पर भी वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है। कई घाटों के बीच रास्ते बंद, पानी के बीच आवागमन को मजबूर लोग जलस्तर बढ़ने से मीरघाट और ललिताघाट का अधिकांश हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। शीतला घाट से अहिल्याबाई घाट तथा वाराही घाट से त्रिपुराभैरवी घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर पानी भर गया है। इन मार्गों से गुजरने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। फिलहाल दरभंगा घाट से बबुआ घाट तक का रास्ता खुला हुआ है, लेकिन जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर यह संपर्क मार्ग भी बंद होने की आशंका है।
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